RBI May Cut Interest Rates by 50 bps in 2026: Report | Business News | 2026 में 0.50% और घट सकती है ब्याज दर: 2025 में 1.25% की कटौती के बाद भी RBI के पास गुंजाइश; लोन और सस्ते होने की उम्मीद
नई दिल्ली36 मिनट पहले
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) साल 2026 में ब्याज दरों में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) की और कटौती कर सकता है। IIFL कैपिटल की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में ब्याज दरों में कुल 1.25% की कटौती करने के बाद भी केंद्रीय बैंक के पास रेट कट की जगह बची है। अगर ऐसा होता है, तो होम और ऑटो लोन की ईएमआई (EMI) में और कमी आएगी, जिससे आम आदमी की जेब को बड़ी राहत मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में रेपो रेट और कोर इन्फ्लेशन (बुनियादी महंगाई) के बीच का अंतर लगभग 2.8% है। पिछले 7 सालों का औसत देखें तो यह अंतर 1.1% के करीब रहता है। जानकारों का मानना है कि महंगाई कंट्रोल में होने और इस बड़े अंतर के कारण RBI के पास रेट कम करने के पर्याप्त तकनीकी कारण मौजूद हैं।
2025 में 1.25% घटी थी ब्याज दर
बीते साल यानी 2025 में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए ब्याज दरों में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स यानी 1.25% की कटौती की थी। साल के आखिरी महीने दिसंबर में भी ब्याज दर 0.25% घटाई गई थी, जिससे रेपो रेट गिरकर 5.25% पर आ गया। अब 2026 में इसके 5% से नीचे या उसके करीब जाने की संभावना जताई जा रही है।
आम आदमी पर क्या असर होगा?
अगर RBI साल 2026 में 0.50% की कटौती और करता है, तो बैंकों पर लैंडिंग रेट कम करने का दबाव बढ़ेगा। इसका सीधा फायदा नए और पुराने दोनों तरह के लोन ग्राहकों को मिलेगा।
- सस्ती EMI: होम, कार और पर्सनल लोन की किश्तें कम होंगी।
- कॉर्पोरेट लोन: कंपनियों के लिए कर्ज सस्ता होने से बिजनेस विस्तार में मदद मिलेगी।
- FD रेट्स: वहीं FD कराने वालों को मिलने वाले ब्याज में भी थोड़ी कमी आ सकती है।

ब्याज दर घटने से इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, ब्याज दरों में कमी और सरकार के रिफॉर्म्स (सुधारों) से देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इससे बैंकों के प्रदर्शन में सुधार होगा और क्रेडिट कंडीशन बेहतर होगी।
कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर के आसपास रहने के अनुमान से महंगाई का खतरा भी कम नजर आ रहा है, जो रेट कट के पक्ष में एक मजबूत पॉइंट है।
एक्सपर्ट की राय: निवेश के लिए अच्छा समय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरें घटने से शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग और रियलिटी सेक्टर के शेयरों में तेजी आ सकती है। निफ्टी में मौजूदा स्तर से 15% तक के रिटर्न की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं स्मॉल कैप स्टॉक्स में भी रिकवरी देखने को मिल सकती है।