RRP Semiconductor: 55,000% Stock Surge in 20 Months Fuels AI Bubble Fears and SEBI Probe | RRP सेमीकंडक्टर पूरी दुनिया में सबसे तेज उछाल वाला शेयर: ₹15 रुपए का शेयर 20 महीने में ₹11,095 का हुआ; ट्रेडिंग पर पाबंदी
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मुंबई13 घंटे पहले
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भारतीय शेयर बाजार की एक अजीब घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। RRP सेमीकंडक्टर के शेयर सिर्फ 20 महीने में 793 गुना यानी 79,000% से ज्यादा चढ़ चुके हैं।
इतना ज्यादा रिटर्न देने वाली यह दुनिया की एकमात्र कंपनी है। 2 अप्रैल 2024 में RRP का 15 रुपए का ये शेयर इस साल नवंबर में 11,902 रुपए तक गया, जो इसका 52 वीक हाई भी था।
इसलिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने शेयरों में इस उछाल की जांच शुरू कर दी है। BSE ने भी इस कंपनी को सख्त निगरानी के दायरे में डाला है।
इस शेयर को अब 1% प्राइस बैंड के साथ हफ्ते में सिर्फ एक दिन ट्रेडिंग की अनुमति दी गई है। ये शेयर उच्चतम स्तर से करीब 6% गिर चुका है। BSE के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, कंपनी के शेयरों में हर हफ्ते औसतन केवल 19 शेयरों में ट्रेडिंग हो रही थी।
इस ग्रोथ के 3 सबसे बड़े कारण
दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले इस स्टॉक के पीछे कोई मजबूत बिजनेस ग्रोथ नहीं है। यह यह तेजी मुख्य रूप से स्पेकुलेशन (सट्टेबाजी), सोशल मीडिया हाइप और AI या सेमीकंडक्टर थीम के चलते हुई है।
- कंपनी का सेमीकंडक्टर बिजनेस में फोकस: 2024 में कंपनी ने अपना फोकस रियल एस्टेट/ट्रेडिंग से बदलकर सेमीकंडक्टर और डिजिटल चिप्स पर शिफ्ट किया। नाम बदलकर RRP सेमीकंडक्टर रखा गया। भारत में AI और सेमीकंडक्टर बूम के चलते निवेशक इसे ‘इंडियन Nvidia’ मानकर खरीदने लगे, जबकि कंपनी का असल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से कोई सीधा कनेक्शन नहीं है।
- बहुत कम फ्री फ्लोट: प्रमोटर और उनके एसोसिएट्स के पास 98% से ज्यादा शेयर हैं, पब्लिक के पास सिर्फ 2% के करीब। इससे लिक्विडिटी बहुत कम है – थोड़े से खरीदार भी लगातार अपर सर्किट (upper circuit) लगा देते हैं। ट्रेडिंग सेशन में 149 बार लगातार अपर सर्किट हिट हुए।
- सोशल मीडिया और रिटेल निवेशकों का क्रेज: ऑनलाइन हाइप, रूमर्स (जैसे सचिन तेंदुलकर से लिंक या गवर्नमेंट लैंड अलॉटमेंट) ने इसे वायरल बना दिया। कंपनी ने खुद इन रूमर्स को डिनाई किया और पुलिस कंप्लेंट भी की।
RRP सेमिकंडक्टर का टर्नओवर केवल 2 लाख
SEBI की जांच और ट्रेडिंग पर सख्ती की कई वजहें हैं- कंपनी का टर्नओवर महज 2 लाख 11 हजार रुपए है। जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी को 7 करोड़ रुपए से ज्यादा घाटा हुआ। वहीं, 15 दिसंबर के बाद ट्रेडिंग रोके जाने तक इसका मार्केट कैप 15,116 करोड़ रुपए था। उस दिन यह शेयर 11,095 रुपए पर बंद हुआ था।
सचिन के कार्यक्रम में जाने से फैली निवेश की अफवाह
सितंबर 2024 में RRP की नई यूनिट इलेक्ट्रॉनिक्स के उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सचिन तेंदुलकर मौजूद थे। सोशल मीडिया पर माहौल बना कि तेंदुलकर ने कंपनी में बड़ा निवेश किया है और इसे महाराष्ट्र सरकार से प्लांट लगाने के लिए जमीन मिली है।

इसके अलावा सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में दुनियाभर में आई उछाल ने भी निवेशकों को आकर्षित किया। हालांकि कंपनी ने कई एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उसने अब तक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग शुरू नहीं की हैं। सरकारी स्कीम के तहत कोई आवेदन नहीं किया है और किसी भी सेलिब्रिटी के साथ संबंध नहीं हैं।
कंपनी में केवल 2 कर्मचारी, 98% शेयर चुनिंदा लोगों के पास
महज 2 कर्मचारियों वाली RRP की कहानी अप्रैल 2024 में शुरू हुई। राजेंद्र चोडणकर ने GD ट्रेडिंग एंड एजेंसीज का अधिग्रहण किया। संस्थापकों के 8 करोड़ रुपए के कर्ज को इक्विटी में बदल दिया। कंपनी में चोडणकर की 74.5% शेयर होल्डिंग है।
बोर्ड ने उन्हें और कुछ लोगों को बाजार भाव से 40% कम, 12 रुपए के रेट से शेयर बेचने को मंजूरी दी। GD ट्रेडिंग का नाम बदलकर RRP सेमीकंडक्टर हो गया। करीब 98% शेयर चोडणकर और उनके करीबी लोगों के पास हैं।

RRP का शेयर एक महीने में 2.97% गिरा
RRP सेमीकंडक्टर के शेयर ने बीते एक महीने में 2.97% गिरा है। हालांकि 6 महीने में 529.75% और एक साल में 6,897.76% का रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक ये 5,881.11% चढ़ा है। कंपनी के शेयर 15 दिसंबर तक रेगुलर ट्रेडिंग कर रहे थे, अभी इनपर जांच चल रही है और ट्रेडिंग रिस्ट्रिक्टेड है।
