Sarabjit kau kapurthala married pakistan arrested preparing to be handed over to india | पाकिस्तान में निकाह करने वालीं कपूरथला की सरबजीत कौर गिरफ्तार: भारत को सौंपने की तैयारी, सिख तीर्थयात्री बनकर गई थी; नूर हुसैन नाम रखा – Amritsar News
पाकिस्तान में जाकर निकाह करने वाली भारतीय सिख तीर्थयात्री सरबजीत कौर को पाकिस्तानी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ उनके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को भी हिरासत में लिया गया है।
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4 नवंबर 2025 को सरबजीत कौर गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी और वहां जाकर उसने स्थानीय युवक नासिर हुसैन के साथ निकाह रचा लिया था। निकाह के बाद नूर हुसैन नाम रख लिया था।
PSGPC अध्यक्ष और पंजाब सरकार के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा के अनुसार, 4 जनवरी 2026 को ननकाना साहिब के गांव पेहरे वाली में इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत कौर को भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान पहुंची थी सरबजीत कौर। स्थानीय युवक नासिर हुसैन के साथ निकाह रचाया।
जानिए सरबजीत कौर के बारे…
- गांव में कोठी, पति से तलाक, कई केस दर्ज: सरबजीत कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट ऑफिस टिब्बा के क्षेत्र का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। लोगों का कहना है कि महिला का अपने पति से तालाक हो चुका है। इसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा पर्चे दर्ज हैं।
- गांव अमानीपुर में आलीशान कोठी: गांव अमानीपुर के अंदर महिला की आलीशान कोठी है। लोगों ने बताया कि महिला का लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था, न ही विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना जाना है।

सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में जमा करवाया था पासपोर्ट।
सिलसिलेवार पढ़िए क्या था पूरा मामला…
- 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। जत्था 10 दिनों तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करने के बाद भारत लौट आया, लेकिन वापसी के समय 1922 श्रद्धालु ही लौटे। सरबजीत कौर जत्थे में शामिल नहीं मिलीं।
- जत्थे के कुछ सदस्य पहले लौटे: भारत लौटने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, चार अन्य सदस्य और तीन महिलाएं-जिनके घरों में कोई बीमार था- पहले ही लौट आए थे। लेकिन सरबजीत कौर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उनके लापता होने की पुष्टि हुई।
- इमिग्रेशन फॉर्म से बढ़ा संदेह: सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पाकिस्तानी इमिग्रेशन पर भरे गए फॉर्म में सरबजीत कौर ने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां खाली छोड़ दी थीं। इससे उनकी पहचान और ट्रैकिंग में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- एजेंसियों ने शुरू की जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भारतीय एजेंसियों ने सरबजीत कौर की तलाश शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास और पाकिस्तान स्थित अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि महिला का पता लगाया जा सके।
- फॉर्म में नहीं भरा था पासपोर्ट नंबर: जांच में यह भी पता चला है कि समूह में शामिल होने और 4 नवंबर को पाकिस्तान जाने के दौरान पाकिस्तानी इमिग्रेशन कार्यालय में भारतीय महिला द्वारा भरे गए फॉर्म में उसने अपनी बुनियादी जानकारी अधूरी छोड़ दी थी और अपनी राष्ट्रीयता या पासपोर्ट नंबर नहीं दिया था।
- शेरपुरा की मस्जिद में किया निकाह: सोशल मीडिया पर शेखुपुरा की मस्जिद में हुआ निकाहनामा वायरल हो रहा है। दावा किया गया कि सरबजीत कौर ने इस्लाम स्वीकार कर नाम बदलकर ‘नूर हुसैन’ रख लिया है। इसमें नूर हुसैन स्वीकार कर रही है कि वह 9 साल से नासिर हुसैन को जानती है।