March 27, 2026

Second batch of Indian students returns from Iran to india

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श्रीनगर2 घंटे पहलेलेखक: रऊफ डार

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इससे पहले 17 जनवरी को भी भारतीय स्टूडेंट्स ईरान से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar

इससे पहले 17 जनवरी को भी भारतीय स्टूडेंट्स ईरान से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे।

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का दूसरा बैच मंगलवार रात को सुरक्षित भारत लौट आया है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के मुताबिक, मौजूदा हालात के बीच यह वापसी छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

JKSA ने बताया कि छात्र दुबई और शारजाह के रास्ते एअर इंडिया की फ्लाइट AI-996 और AI-930 से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। सभी छात्र अपने खर्च पर भारत लौटे हैं। अब तक 200 से अधिक भारतीय छात्र ईरान से भारत लौट चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के छात्रों की है।

JKSA ने कहा कि अजरबैजान और मस्कट होकर चलने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स सहित सिविल एविएशन सेवाएं पहले रद्द होने के कारण कई छात्र समय पर वापस नहीं आ पाए थे। इससे पहले 17 जनवरी को भी भारतीय छात्र ईरान से लौटे थे।

ईरान में वहां की करेंसी ‘रियाल’ के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।

17 जनवरी को स्टूडेंट्स का पहला बैच आया

इससे पहले 17 जनवरी को भी कई भारतीय ईरान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। कुछ लोग भारत सरकार की पहल से लौटे, तो कुछ अपने खर्च पर वापस आए। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजन से मिलते ही कई नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे थे।

उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान ईरान में हालात कैसे बिगड़े। ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा, ‘वहां हालात बहुत खराब हैं। हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।’

ईरान से लौटी एक मेडिकल स्टूडेंट ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली पहुंची।

भारत सरकार ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी करके भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने को कहा था। भारत सरकार के प्रयासों से निजी फ्लाइट के जरिए नागरिक वापस लौटे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

आने वाले दिनों में कई छात्र आएंगे

JKSA ने यह भी बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार बातचीत चल रही है। फ्लाइट ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ आने वाले दिनों में और छात्रों के भारत लौटने की उम्मीद है।

भारत लौटने वाले छात्र तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्फहान यूनिवर्सिटी, गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शिराज यूनिवर्सिटी और अराक यूनिवर्सिटी सहित ईरान के कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे थे।

ईरान में दो हफ्तों से जारी हिंसा में 3 हजार से ज्यादा मौतें

ईरान में वहां की करेंसी ‘रियाल’ के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।

ईरान ने 14 जनवरी को अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। ईरान ने 15 जनवरी अपना एयरस्पेस खोला, जिसके बाद कई भारतीय अपने देश लौटे।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 जनवरी को कहा था- हमारे लगभग 9,000 नागरिक इस समय ईरान में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश छात्र हैं। वहां के हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर हमने भारतीय नागरिकों को वहां उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है।

विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

इससे पहले, गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे भारतीय लोगों के लिए एक एडवाइजरी की थी। सरकार ने भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखने को कहा था।

भारतीय दूतावास ने लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किया है। ईरान में भारतीय लोगों को +989128109115; +989128109109, +989128109102 और +989932179359 पर संपर्क करने को कहा गया है। ईमेल एड्रेस cons.tehran@mea.gov.in पर मदद ली जा सकती है।

भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

तेहरान में लोग डिजिटल ब्लैकआउट के कारण जानकारी साझा नहीं कर पा रहे है।

तेहरान में लोग डिजिटल ब्लैकआउट के कारण जानकारी साझा नहीं कर पा रहे है।

ईरान में हुए प्रदर्शन का कारण जानिए…

ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा कई कारणों से भड़की है। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं।

  • महंगाई और आर्थिक संकट: ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत इतिहास में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 1,455,000 से 1,457,000 रियाल (ओपन मार्केट रेट) हो गई है। चाय, ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजें भी बहुत महंगी हो गईं (महंगाई 50-70% से ज्यादा)।
  • व्यापारियों की हड़ताल: 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बड़े बाजार के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध शुरू किया, जो तेजी से पूरे देश में फैल गया। लोग बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान हैं।
  • सरकार के खिलाफ गुस्सा: लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक की पूरी व्यवस्था के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई लोग पुरानी राजशाही (शाह का शासन) वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
  • कठोर कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने लाइव फायरिंग, गोलियां चलाईं, जिससे हजारों मौतें हुईं (अनुमान 2,000 से 12000 तक, विभिन्न स्रोतों के अनुसार)। इंटरनेट और फोन बंद कर दिए गए, जिससे हिंसा और बढ़ी।
  • अंतरराष्ट्रीय तनाव: ईरान सरकार, अमेरिका और इजराइल को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार बता रही है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और हस्तक्षेप की धमकी दी थी।

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