March 26, 2026

SIR Draft Voter List 2025 Update; West Bengal Rajasthan | Goa Lakshadweep | 5 राज्यों-UT में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 1 करोड़ से ज्यादा नाम कटे, ये कुल मतदाताओं का 7.6%; सबसे ज्यादा 58 लाख बंगाल में

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नई दिल्ली35 मिनट पहले

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बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR 28 अक्टूबर से शुरू हुआ है। इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा। - Dainik Bhaskar

बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR 28 अक्टूबर से शुरू हुआ है। इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा।

चुनाव आयोग के कराए गए स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR, सामान्य शब्दों में वोटर वेरिफिकेशन) के बाद मंगलवार को पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई। इसमें कुल मतदाताओं की संख्या में 7.6% की कमी दर्ज की गई है।

आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 27 अक्टूबर को SIR की घोषणा के समय जहां इन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 13.35 करोड़ मतदाता थे, वहीं ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 12.33 करोड़ रह गई है। यानी 1.02 करोड़ नाम हटाए गए हैं।

बंगाल में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। राजस्थान में 41.85 लाख और पुडुचेरी में 85 हजार वोटर्स के नाम काटे गए हैं। इसके साथ ही घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम पूरा हो गया है। अब आगे दावा, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

SIR का दूसरा चरण फरवरी 2026 तक चलेगा और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को जारी होगी। इसके साथ ही गोवा और लक्षद्वीप में भी आज वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा।

राजस्थान में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए

राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के साथ एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और ऑलरेडी एनरोल्ड लिस्ट दी गई है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी गई है।

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा- जिन वोटर्स के नाम हटाए हैं, उन्हें अब कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। अगर उन्हें आपत्ति है तो वे दस्तावेज देकर दावा पेश कर सकते हैं। इसमें परमानेंट शिफ्ट वोटर्स, डेड वोटर्स, एब्सेंट और डुप्लीकेट वोटर के नाम हटाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

बंगाल में 1.38 लाख से ज्यादा डुप्लीकेट या फर्जी वोटर

पश्चिम बंगाल में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 24 लाख 16 हजार 852 नाम मृत वोटरों के हैं। 19 लाख 88 हजार 76 वोटर ऐसे हैं जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं।

इसके अलावा 12 लाख 20 हजार 38 वोटर लापता, 1 लाख 38 हजार 328 डुप्लीकेट या फर्जी, और 57 हजार 604 नाम अन्य कारणों से हटाने के प्रस्ताव में हैं। राज्य के 294 असेंबली एरिया में से सबसे ज्यादा नाम कोलकाता के चौरंगी और कोलकाता पोर्ट जैसे क्षेत्रों में कटे हैं।

चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में 74,553 नाम हटाए गए। यहां से विधायक तृणमूल कांग्रेस की नयना बंद्योपाध्याय हैं। कोलकाता पोर्ट से कुल 63,730 नाम हटाए गए। इसका प्रतिनिधित्व सीनियर मंत्री फिरहाद हकीम करते हैं। सबसे कम नाम बांकुरा जिले के कोतुलपुर से हटाए गए। यहां 5,678 नाम हटाए गए।

गोवा और पुडुचेरी, लक्षद्वीप की स्थिति

  • गोवा- 11.85 लाख मतदाताओं में से 10.84 लाख ने फॉर्म जमा किए। यहां 1 लाख से ज्यादा नाम हटे, जिनमें मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। उत्तर गोवा में 44,639 और दक्षिण गोवा में 55,403 नाम हटाए गए।
  • पुडुचेरी- ड्राफ्ट सूची से 1.03 लाख से ज्यादा नाम हटे हैं। अब कुल मतदाता 9.18 लाख रह गए हैं। यहां सबसे ज्यादा नाम पुडुचेरी जिले में हटे, जबकि कराईकल, माहे और यानम में भी बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर हुए।
  • लक्षद्वीप- 27 अक्टूबर तक कुल 58 हजार मतदाता दर्ज थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद इनमें से 56,384 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल पाए गए हैं। यानी 1,616 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें?

चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें…

सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा?

जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है।

सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें?

जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें।

सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे?

जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी।

सवालः फॉर्म जमा कहां करें?

जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है।

सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी?

जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है।

सवालः नाम कब तक जुड़ेगा?

जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।

11 दिसंबरः EC ने 5 राज्यों और 1 यूटी पर समयसीमा बढ़ाई

चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर को 5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR यानी वोटर वेरिफिकेशन) की समयसीमा बढ़ा दी थी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में 18 दिसंबर तक फॉर्म भर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर, गुजरात और तमिलनाडु में 14 दिसंबर तक फॉर्म भरे गए। पहले फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर थी। केरल में पहले ही आखिरी तारीख 18 दिसंबर कर दी गई थी जिसका ड्राफ्ट 23 दिसंबर को पब्लिश होगा।

SIR के बारे में जानें…

बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR 28 अक्टूबर से शुरू हुआ है। इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा। नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा।

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