Stock Market LIVE | Budget 2026 Share Market BSE NSE Nifty Sensex Update: Banking Auto Share Pric
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नई दिल्ली1 दिन पहले
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बजट के बाद आज यानी 1 फरवरी (रविवार) को शेयर बाजार गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 1546 अंक यानी करीब 2% गिरकर 80,722 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 495 अंक टूटा, ये 24,825 के स्तर पर बंद हुआ।
सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर भी STT को बढ़ाकर 0.15% किया है।
इस वजह से ही बाजार में यह गिरावट आई। बीते सात साल में बजट के दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 2020-21 बजट के दिन सेंसेक्स 987 अंक और निफ्टी 300 अंक गिरकर बंद हुआ था।
BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपए घटा
तेज बिकवाली के बीच BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 11 लाख करोड़ रुपए कम हो गया। आज सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 में गिरावट और सिर्फ 3 में तेजी रही।
BEL, SBI और अडाणी पोर्ट्स के शेयर में 6% तक की गिरावट रही। सरकारी बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा 6% तक की गिरावट देखने को मिली। मेटल, मीडिया, FMCG, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में भी गिरावट रही।
बजट के दिन ऐसी रही बाजार की चाल
- बजट भाषण के बाद: कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,370 अंक गिरकर अपने दिन के निचले स्तर 79,899 पर आ गया था। वहीं निफ्टी भी 750 अंक गिरकर 24,571 के निचले स्तर पर आ गया था।
- बजट भाषण के दौरान: सेंसेक्स 1,600 अंक यानी 2% गिरकर 80,600 पर आ गया। वहीं निफ्टी भी करीब 550 अंक गिरकर 24,800 के स्तर पर आ गया।
- बजट से पहले: सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 100 अंक की गिरावट के साथ 82,156 के स्तर पर खुला था। निफ्टी भी करीब 50 अंक गिरकर 25,275 के स्तर पर ओपन हुआ था।

बाजार में आगे भी रह सकती है गिरावट: एक्सपर्ट्स
- केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, जियो पॉलिटिकल टेंशन और बजट में शेयर मार्केट को लेकर कोई घोषणा न होने के चलते इस हफ्ते बाजार में गिरावट रहने की संभावना है।
- HDFC सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी ने 24,900-25,450 के कंसॉलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। यह संकेत है कि बाजार में एक बार फिर पोजिशनल डाउनट्रेंड शुरू हो चुका है।
- SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि 24,700-24,650 का जोन फिलहाल निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
बजट में फ्यूचर्स-ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाया
1. फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर टैक्स: फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। जब किसी शेयर या इंडेक्स का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट बेचते हैं, तो उसकी पूरी वैल्यू पर यह टैक्स लगता है।
2. ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स: जब आप कोई ऑप्शन खरीदते या बेचते हैं, तो आप जो कीमत (प्रीमियम) चुकाते हैं, उस पर लगने वाला टैक्स अब बढ़ गया है। इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया।
3. ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स: अगर कोई ऑप्शन एक्सपायरी तक रखा और वह फायदे में रहा, तो सेटलमेंट के वक्त लगने वाला टैक्स एक्सरसाइज STT कहलाता है। इसे 0.125% से बढ़ाकर 0.15% किया।
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स क्या है?
- STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है, जब आपको घाटा हो रहा हो।
- यह सीधे आपकी ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है। टैक्स दरें बढ़ने से अब आपको एक ही ट्रांजैक्शन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।



30 जनवरी को शेयर बाजार में रही थी गिरावट
30 जनवरी यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 296 अंक (0.36%) गिरकर 82,269 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 98 अंक (0.39%) की गिरावट रही थी, ये 25,320 पर बंद हुआ था।

विदेशी निवेशकों ने 30 जनवरी को 2,251 करोड़ के शेयर खरीदे थे
- विदेशी निवेशकों (FII) ने 30 जनवरी को ₹2,251 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹601 करोड़ की बिकवाली की थी।
- दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
30 जनवरी को एशियाई और अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख था
- जापान का निक्केई 0.099% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.060% ऊपर बंद हुआ था।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.08% गिरा। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.96% नीचे बंद हुआ था।
- 30 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोंस 0.36% गिरा, नैस्डैक 0.94% गिरकर बंद हुआ था।
शेयर मार्केट में दिनभर की हलचल को जानने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
09:16 AM1 फ़रवरी 2026
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सरकारी कर्ज में कमी
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।
08:40 AM1 फ़रवरी 2026
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विदेश यात्रा सस्ती हुई, ट्रैवल कंपनियों के शेयर चढ़े
विदेश घूमने वाले पर्यटकों के लिए अब विदेशी टूर पैकेज खरीदने पर लगने वाले TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स ) को घटा दिया गया है।
पहले ₹7 लाख तक 5% और उससे ज्यादा पर 20% TCS लगता था। अब पैकेज की कीमत चाहे कितनी भी हो, सिर्फ 2% TCS ही लगेगा।
इस एलान के बाद शेयर बाजार में ‘ट्रैवल कंपनियों’ के शेयरों में उछाल आया। ईज माय ट्रिप का शेयर लगभग 11% उछलकर ₹7 के भाव पर पहुंच गए।
08:14 AM1 फ़रवरी 2026
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सरकार की कुल कमाई और खर्च
पिछले साल (2025-26) का हिसाब किताब सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही। इसमें से ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग ₹11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ। अगले साल (2026-27) का बजट प्लान सरकार ने ₹36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग ₹53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है।
07:37 AM1 फ़रवरी 2026
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ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर टैक्स भी बढ़ा
सरकार ने STT यानी वह टैक्स जो शेयर बाजार में लेन-देन पर लगता है, उसे बढ़ा दिया है…
- 1. ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स: जब आप कोई ऑप्शन खरीदते या बेचते हैं, तो आप जो कीमत (प्रीमियम) चुकाते हैं, उस पर लगने वाला टैक्स अब बढ़ गया है। इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
- 2. ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स: जब आप अपने ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल (एक्सरसाइज) करके डिलीवरी लेते या देते हैं, तब उस पर लगने वाला टैक्स भी बढ़ा दिया गया है। इसे 0.125% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
इसका निवेशकों पर क्या असर होगा?
- ट्रेडिंग महंगी होगी: अब ऑप्शंस में ट्रेड करना थोड़ा महंगा हो जाएगा क्योंकि आपको सरकार को पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स देना होगा।
- मुनाफे पर असर: टैक्स बढ़ने की वजह से आपके शुद्ध मुनाफे यानी नेट प्रॉफिट में थोड़ी कमी आएगी और अगर घाटा होता है, तो टैक्स की वजह से वह थोड़ा और बढ़ जाएगा।
06:54 AM1 फ़रवरी 2026
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STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि फ्यूचर्स पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। खासकर स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकिंग फर्म के शेयर्स 10% तक गिर गए।
STT क्या है?: STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है जब आपको घाटा हो रहा हो। यह सीधे आपके ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है।
06:04 AM1 फ़रवरी 2026
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FY27 के लिए कैपेक्स 12.2 लाख करोड़ रुपए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के लिए कैपेक्स का टारगेट बढ़ाया है। वित्त वर्ष यानी 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। 2025-26 में यह 11.2 लाख करोड़ रुपए था। वहीं 2014-15 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर महज 2 लाख करोड़ रुपए था।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि इससे विकास की रफ्तार बरकरार रहेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

05:54 AM1 फ़रवरी 2026
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सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 19 में तेजी और 11 में गिरावट

05:25 AM1 फ़रवरी 2026
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निवेशकों के लिए क्या है सलाह
एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे इस समय क्वालिटी शेयरों पर ध्यान दें। बजट से जुड़े सेक्टर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और रेलवे के शेयरों में हलचल तेज रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेश के लिए लार्जकैप कंपनियों को प्राथमिकता देना सही स्ट्रेटेजी हो सकती है।
05:23 AM1 फ़रवरी 2026
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बजट पेश होने तक बना रह सकता है उतार-चढ़ाव: एक्सपर्ट्स
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक बजट पेश नहीं हो जाता, बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्रॉफिट बुकिंग के चलते बीच-बीच में गिरावट आ सकती है, लेकिन हर गिरावट पर खरीदारी के मौके भी बन रहे हैं। निवेशकों की नजर अब पूरी तरह से सरकार के पॉलिसी फैसलों पर टिकी है।
05:22 AM1 फ़रवरी 2026
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बैंकिंग और आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा
बाजार को ऊपर ले जाने में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों का बड़ा हाथ रहा। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में आई तेजी ने इंडेक्स को मजबूती दी। दूसरी ओर, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी खरीदारी का मूड दिखा, जिससे ब्रॉडर मार्केट में सेंटिमेंट पॉजिटिव बना रहा।
05:21 AM1 फ़रवरी 2026
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निचले स्तरों पर हुई खरीदारी से बाजार में रिकवरी
आज सुबह बाजार की शुरुआत सुस्त रही थी, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स ने अपने निचले स्तर से शानदार वापसी की। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले बजट में सरकार कुछ बड़े रिफॉर्म्स या टैक्स राहत का ऐलान कर सकती है, जिससे इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। इसी ‘बजट ऑप्टिमिज्म’ की वजह से बाजार में लिवाली लौटी है।
04:24 AM1 फ़रवरी 2026
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MCX पर सोना 6% और चांदी 9% गिरी
04:21 AM1 फ़रवरी 2026
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शेयर बाजार में प्री ओपन में तेजी रही थी
इससे पहले शेयर बाजार प्री ओपन में तेजी के साथ खुला था। सेंसेक्स 120 अंक की तेजी के साथ 82,388 के स्तर पर खुला। निफ्टी में भी 55 अंक की तेजी रही, ये 25,375 के स्तर पर खुला था।
04:21 AM1 फ़रवरी 2026
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30 जनवरी को एशियाई और अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख रहा था
- जापान का निक्केई 0.099% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.060% ऊपर बंद हुआ था।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.08% गिरा। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.96% नीचे बंद हुआ था।
- 30 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोंस 0.36% गिरा, नैस्डैक 0.94% गिरकर बंद हुआ था।
04:20 AM1 फ़रवरी 2026
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विदेशी निवेशकों ने 2,251 करोड़ के शेयर खरीदे
विदेशी निवेशकों (FII) ने 30 जनवरी को ₹2,251 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹601 करोड़ की बिकवाली की थी।
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
04:20 AM1 फ़रवरी 2026
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30 जनवरी को शेयर बाजार में रही थी गिरावट
30 जनवरी यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 296 अंक (0.36%) गिरकर 82,269 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 98 अंक (0.39%) की गिरावट रही थी, ये 25,320 पर बंद हुआ था।

04:20 AM1 फ़रवरी 2026
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आज सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग होगी
हर साल की तरह इस बार भी 1 फरवरी को 11 बजे से देश का आम बजट पेश किया जाएगा। हालांकि, इस बार 1 फरवरी को रविवार है, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी थी। एक्सचेंज के मुताबिक, बजट के दिन निवेशक और ट्रेडर्स बाजार की प्रतिक्रिया देख सकें, इसलिए रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखने का फैसला किया गया है।

04:19 AM1 फ़रवरी 2026
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बजट के दौरान उतार-चढ़ाव को संभालने की तैयारी
आमतौर पर बजट के दिन शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव (वॉलेटिलिटी) देखने को मिलती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे बजट भाषण शुरू करेंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में होने वाले बड़े ऐलानों पर निवेशक तुरंत रिएक्ट करते हैं।
अगर रविवार को बाजार बंद रहता, तो सोमवार को बाजार खुलने पर बहुत बड़ा गैप-अप या गैप-डाउन देखने को मिल सकता था। रविवार को बाजार खुला रहने से निवेशकों को अपनी पोजीशन मैनेज करने का मौका मिलेगा।
04:19 AM1 फ़रवरी 2026
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रविवार को बाजार खुलना ऐतिहासिक घटना
भारत के संसदीय इतिहास में यह एक दुर्लभ मौका है जब बजट रविवार को पेश हो रहा है और बाजार भी खुला है। इससे पहले 2025 और 2015 में बजट शनिवार को पेश हुआ था, तब भी बाजारों में विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया था, तब से यही परंपरा चली आ रही है।
04:18 AM1 फ़रवरी 2026
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T+0 सेटलमेंट और ऑक्शन नहीं होगा
एक्सचेंज ने साफ किया है कि रविवार को बाजार जरूर खुला है, लेकिन कुछ सर्विसेज बंद रहेंगी। सर्कुलर के मुताबिक, 1 फरवरी को ‘T+0 सेटलमेंट’ (उसी दिन शेयर सेटल होना) और ‘ऑक्शन सेशन’ आयोजित नहीं किया जाएगा। चूंकि बैंकों में रविवार की छुट्टी हो सकती है, इसलिए फंड के सेटलमेंट की प्रोसेस अगले वर्किंग डे पर पूरी की जाएगी।
04:16 AM1 फ़रवरी 2026
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निर्मला सीतारमण का 9वां बजट होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। इस बार के बजट से मिडिल क्लास को टैक्स स्लैब में बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़े आवंटन की उम्मीदें हैं।
संडे को बजट क्यों?
पहले बजट फरवरी के आखिरी वर्किंग डे पर आता था। 2017 में अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया ताकि नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले योजनाएं लागू हो सकें। इस बार 1 फरवरी को संडे है, लेकिन सरकार ने तारीख नहीं बदली।