March 26, 2026

The country’s top 15 companies in terms of market value | टॉप-10 कंपनियों में 8 की वैल्यू ₹79,130 करोड़ घटी: रिलायंस का मार्केट कैप ₹20,434 करोड़ बढ़ा; कंस्ट्रक्शन कंपनी L&T की वैल्यू ₹​​​​​​​5.60 लाख करोड़ हुई

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मुंबई3 दिन पहले

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मार्केट वैल्यूएशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में ₹79,130 करोड़ गिरी है। इस दौरान बजाज फाइनेंस टॉप लूजर रही। कंपनी का वैल्यूएशन 19,290 रुपए कम होकर ₹6.33 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है।

इसके अलावा सबसे बड़ी गिरावट ICICI बैंक में ₹18,516 करोड़ और एयरटेल में ₹13,885 करोड़ रही। अब इनकी वैल्यू ₹9.77 लाख करोड़ और ₹11.88 लाख करोड़ पर आ गई है।

एयरटेल की वैल्यू 35,239 करोड़ रुपए गिरी

इधर, देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू 20,434 करोड़ रुपए बढ़कर ₹21.06 लाख करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, भारत की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का वैल्यूएशन ₹4,911 करोड़ चढ़कर ₹5.60 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।

पिछले हफ्ते 444 अंक गिरा शेयर बाजार

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 12 दिसंबर को सेंसेक्स 449 अंक चढ़कर 85,268 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 148 अंक चढ़ा, ये 26,046 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि हफ्तेभर के कारोबार में इसमें 444 अंक की गिरावट रही।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 में तेजी और 7 में गिरावट रही। टाटा स्टील, जोमैटो और अल्ट्राटेक सीमेंट में 3% तक की तेजी रही। ITC, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 2% तक की गिरावट रही।

निफ्टी के 50 में से 36 शेयरों में तेजी और 14 में गिरावट रही। आज NSE के मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा 2.63% की तेजी रही। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझें…

मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।

कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…

बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब
शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे
पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट
पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट
हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग

मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।

निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।

उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

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