Three rail projects in Jammu and Kashmir halted; efforts to save 700,000 apple trees after locals objected
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मुदस्सिर कुल्लू . श्रीनगर26 मिनट पहले
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रेलवे ट्रैक बिछाए जाने पर 7 लाख से अधिक सेब के पेड़ काटने पड़ते। जिससे हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता।
रेल मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित तीन परियोजनाओं को रोक दिया है। रेलवे ने दिसंबर 2023 में कश्मीर में तीन नई लाइनों के सर्वे को मंजूरी दी थी। ये रेल लाइनें थीं- सोपोर-कुपवाड़ा (33.7 किमी), अवंतीपोरा-शोपियां (27.6 किमी) और अनंतनाग-बिजबेहारा-पहलगाम (77.5 किमी)। हालांकि स्थानीय लोगों और सरकार की आपत्ति के बाद सर्वे रोक दिया गया है।
मालूम हो, श्रीनगर से बारामूला तक एक ट्रैक मौजूद है। प्रस्तावित तीनों लाइन घाटी के प्रमुख बागवानी जिलों से गुजरने वाली थीं। इनमें शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग शामिल हैं। किसान इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि यहां ट्रैक बिछाए जाने से 7 लाख से अधिक सेब के पेड़ काटे जाते। इतनी कृषि भूमि के नुकसान से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता।
…ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि तीन रेल प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार और सांसदों की सिफारिश के बाद फिलहाल रोक दिए गए हैं, ताकि सेब के बागानों को नुकसान से बचाया जा सके।
रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला का कहना है कि मकसद अगर पहलगाम के रास्ते लद्दाख या शोपियां के जरिए राजौरी व पुंछ को जोड़ना होता, तो विचार कर सकते थे। रेल लाइन इन इलाकों को छूकर निकल जाती।