TMC Abhishek Banerjee vs Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar Controversy | SIR Meeting Update | अभिषेक बनर्जी की मुख्य चुनाव आयुक्त से बहस: TMC सांसद बोले- SIR पर ज्ञानेश कुमार ने आपा खोया, हिम्मत है तो मीटिंग के फुटेज जारी करें
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नई दिल्ली53 मिनट पहले
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मुख्य चुनाव आयुक्त से मीटिंग के बाद अभिषेक बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत TMC की बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तीखी बहस हुई। उन्होंने दावा किया कि बैठक के दौरान चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) का रवैया अग्रेसिव था।
मीटिंग के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा-
जब हमने बात रखनी शुरू की तो मुख्य चुनाव आयुक्त अपना आपा खो बैठे। वह मेरी बात पर गुस्सा होने लगे। मैंने उनसे कहा कि आप नॉमिनेटेड हैं और मैं जनता द्वारा चुना हुआ हूं। आप अपने बॉस के प्रति जिम्मेदार हैं। मैं बंगाल की जनता के प्रति जिम्मेदार हूं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मीटिंग की फुटेज सार्वजनिक करें।

दरअसल पार्टी के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर इलेक्शन कमीशन (EC) की फुल बेंच से मुलाकात की। मीटिंग के बाद अभिषेक ने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और SIR को लेकर उनकी पार्टी की गंभीर आशंकाओं को दूर नहीं किया गया।

अभिषेक बनर्जी के 2 आरोप…
- वोट चोरी EVM के जरिए नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के माध्यम से की जा रही है। अगर महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में विपक्ष ने इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाया होता, तो चुनावी नतीजे अलग हो सकते थे।
- घुसपैठ का हौवा खड़ा कर पश्चिम बंगाल को बदनाम किया जा रहा है। EC उन 58 लाख वोटरों की लिस्ट सार्वजनिक करे, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और बताए कि उनमें कितने बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं।
टीएमसी ने लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी पर सवाल उठाए
टीएमसी ने EC द्वारा पिछली तारीख से लागू की गई लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत पिता के नाम में अंतर, उम्र का संदिग्ध अंतर जैसे कारणों से 1.36 करोड़ वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
TMC नेता ने मांग की कि सीनियर सिटीजन, दिव्यांग और को-मोरबिडिटी वाले लोगों को सुनवाई के लिए न बुलाया जाए, बल्कि घर पर ही प्रक्रिया पूरी की जाए।
TMC के प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन, सांसद साकेत गोखले, रीताब्रत बनर्जी, ममता ठाकुर, और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मानस भुनिया, प्रदीप मजूमदार और चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल थे।
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