Trump-Epstein Statue King of World
वॉशिंगटन13 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में डोनाल्ड ट्रम्प और जेफ्री एपस्टीन की 12 फीट ऊंची गोल्ड कलर की स्टैच्यू लगाया गया है। इसमें दोनों को टाइटैनिक फिल्म के मशहूर पोज में दिखाया गया है। इसका नाम ‘किंग ऑफ द वर्ल्ड’ रखा गया है।
इस स्टैच्यू को गुमनाम कलाकार समूह ‘द सीक्रेट हैंडशेक’ ने नेशनल मॉल के पास लगाया है। कुछ लोग इसे राजनीतिक कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताया है। व्हाइट हाउस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जेफ्री एपस्टीन और ट्रम्प की सैड लव स्टोरी वाली 12 फीट ऊंचा स्टेचू।
टाइटैनिक पोज में दिखे ट्रम्प और एपस्टीन
स्टैच्यू में जेफ्री एपस्टीन आगे खड़े हैं और डोनाल्ड ट्रम्प उनके पीछे हाथ फैलाए दिखाई दे रहे हैं। यह पोज हॉलीवुड फिल्म टाइटैनिक के उस मशहूर सीन से प्रेरित है, जिसमें जैक जहाज के अगले हिस्से पर खड़े होकर हाथ फैलाता है और कहता है – “मैं दुनिया का राजा हूं।”
मूर्ति वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट की ओर फेस करके लगाई गई थी। इसके साथ लगे स्लैब पर ट्रम्प और एपस्टीन के रिश्ते को मजाकिया अंदाज में ‘सैड लव स्टोरी’ बताया गया है, जिसमें आलीशान यात्राओं और पार्टियों का जिक्र है।

हॉलीवुड की टाइटैनिक फिल्म का मशहूर सीन।
बैनर पर लिखे गए नारे
स्टैच्यू के आसपास बैनर लगाए गए हैं, जिन पर दोनों की तस्वीरों के साथ ‘मेक अमेरिका सेफ अगेन’ जैसे नारे लिखे गए हैं। यह इंस्टॉलेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पहले भी लग चुकी है ऐसी मूर्ति

2025 में चर्चित जेफ्री और ट्रम्प की बेस्ट फ्रेंड फारेवर वाली मूर्ति।
यह पहली बार नहीं है जब इस समूह ने ऐसा इंस्टॉलेशन किया हो। 2025 में इसी समूह ने बेस्ट फ्रेंड फारेवर नाम की मूर्ति लगाई थी, जिसमें ट्रम्प और एपस्टीन को हाथ पकड़कर खड़े दिखाया गया था। एक अन्य इंस्टॉलेशन में ट्रम्प के नाम से कथित जन्मदिन संदेश की बड़ी मूर्ति भी लगाई गई थी।
जेफ्री एपस्टीन कौन था?
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग और यौन शोषण का नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई।
1990 के दशक और शुरुआती 2000 के दौर में ट्रम्प और एपस्टीन को कुछ सामाजिक कार्यक्रमों और पार्टियों में साथ देखा गया था। हालांकि बाद में ट्रम्प ने कहा था कि उनका एपस्टीन से संबंध काफी पहले खत्म हो गया था और उन्होंने उसे अपने क्लब से बैन कर दिया था।

1990 से 2000 तक ट्रम्प और एपस्टीन को कई कार्यक्रमों और पार्टियों में साथ देखा गया।
एपस्टीन फाइलों में भारतीय नामों का जिक्र
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ ईमेल में भारत और भारतीय मूल के कुछ लोगों के नामों का जिक्र सामने आया था। इनमें दीपक चोपड़ा, अनिल अंबानी, हरदीप सिंह पुरी, मीरा नायर और अनुराग कश्यप जैसे नाम शामिल बताए गए। हालांकि इन नामों का जिक्र केवल संपर्क या बातचीत के संदर्भ में सामने आया था। किसी के खिलाफ अपराध में शामिल होने का आरोप साबित नहीं हुआ है।
