Turkman gate Ramleela maidan faiz-e-ilahi masjid Delhi police MCD | दिल्ली में आधी रात पुलिस-MCD टीम पर पत्थरबाजी: मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी; आंसू गैस के गोले छोड़े, पुलिसकर्मी-अधिकारी घायल
नई दिल्ली15 मिनट पहले
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यह कार्रवाई रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के करीब की गई।
दिल्ली में रामलीला मैदान के पास मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से 6 जनवरी की देर रात करीब 1 बजे अतिक्रमण हटाया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने 17 बुलडोजर से यहां बने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानों को ढहाया।
तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास जब इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था, तब भीड़ ने कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव किया। भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ पर कार्रवाई रोकने पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उस खदेड़ दिया।
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने हालात कंट्रोल में हैं। पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया है। हर जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारी को दी गई। संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। वीडियो के जरिए पत्थरबाजों की पहचान की जाएगी।
वहीं डीसीपी निधिन वलसन ने कहा कि एमसीडी ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की, जो अभी भी जारी है। भीड़ की पत्थरबाजी में 4-5 अधिकारियों को मामूली चोटें आईं हैं।

यह कार्रवाई रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के करीब की गई।

दिल्ली MCD ने 17 बुलडोजर के जरिए मस्जिद के पास बने बारातघर और डायग्नोस्टिक सेंटर हटाया है।

लोगों की भीड़ ने दिल्ली MCD और पुलिस पर पत्थरबाजी की।
यह है पूरा मामला
मस्जिद की प्रबंधन समिति ने MCD के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश में कहा गया था कि 0.195 एकड़ ज़मीन (जहां मस्जिद स्थित है) के बाहर बने ढांचे अवैध हैं और उन्हें हटाया जाएगा।
MCD का कहना है कि अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज पेश नहीं किए गए। MCD का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था।
उस आदेश में तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राउंड से करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, जिसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं।
याचिकाकर्ता समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है और वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है।
समिति ने साफ किया कि उसे अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है। बारात घर व क्लिनिक का संचालन बंद किया जा चुका है। उसकी मुख्य आपत्ति कब्रिस्तान को लेकर है।