March 27, 2026

US Iran Trade War; Donald Trump Tariff Vs China India | Inflation Protest | दावा- ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या: ज्यादातर की उम्र 30 साल से कम; जर्मनी बोला- ईरान में सरकार का खेल खत्म

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वॉशिंगटन डीसीकुछ ही क्षण पहले

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ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 17वां दिन है। सरकार प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। इसी बीच टाइम्स ऑफ इजराइल ने ईरान इंटरनेशनल वेबसाइट के हवाले से बताया है कि ईरानी सरकार ने अब 12 हजार लोगों की हत्या की है।

वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी हत्याकांड बताया है। अभी तक ज्यादातर रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 500 के आसापास बताई जा रही थी।

वेबसाइट ने कहा कि इस डेटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे।

वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्स पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर हत्याएं ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ और ‘बसीज फोर्स’ ने कीं और यह सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है कि अधिकतर हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं।

वहीं भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है।

ईरान में 28 दिसंबर को महंगाई की वजह से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था।

ईरान में 28 दिसंबर को महंगाई की वजह से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था।

ट्रम्प बोले- ईरान से व्यापार किया तो 25% टैरिफ लगाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

हालांकि व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में 600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

दूसरी तरफ ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है।

ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वालों में प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा चुका अमेरिका

अमेरिका पहले ही भारत पर 50% टैरिफ लग चुका है। इसमें 25% रेसिप्रोकल और 25% रूस से तेल आयात को लेकर टैरिफ शामिल हैं। ईरान से व्यापार को लेकर अगर भारत पर टैरिफ लगाया जाता है तो कुल टैरिफ 75% हो जाएगा।

टैरिफ के चलते भारत को अमेरिका में अपना सामान बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है, जिसका असर भारत के निर्यात पर पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद को निपटाने के लिए आज ट्रेड डील पर बातचीत होनी है।

भारत चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर जो एक्स्ट्रा 25% पेनल्टी लगाई गई है, उसे पूरी तरह खत्म किया जाए।

ट्रम्प के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल

ट्रम्प के टैरिफ लगाने के अधिकार को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट कल यानी बुधवार को फैसला सुना सकता है। इसे लेकर ट्रम्प ने चिंता जताई है।

ट्रम्प ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर कोर्ट ने उनके टैरिफ लगाने के अधिकार को सीमित किया, तो अमेरिका को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है और पहले वसूले गए टैरिफ लौटाना लगभग असंभव होगा।

उन्होंने लिखा कि इतनी बड़ी रकम चुकाने में सालों लग जाएंगे और यह तय करना भी मुश्किल होगा कि किसे, कब और कितना भुगतान किया जाए।

चीन, UAE और भारत ईरान के प्रमुख साझेदार

वर्ल्ड बैंक के 2022 के उपलब्ध डेटा के मुताबिक ईरान ने सबसे ज्यादा चीन, UAE और भारत से व्यापार किया। इन देशों को ईरान मुख्य रूप से तेल, पेट्रोकेमिकल्स और औद्योगिक उत्पाद निर्यात करता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान एशिया और खाड़ी देशों के जरिए अपना व्यापार जारी रखे हुए है।

2022 में ईरान का कुल व्यापार करीब 140 अरब डॉलर रहा। इसमें ईरान का निर्यात 80.9 अरब डॉलर और आयात लगभग 58.7 अरब डॉलर रहा।

ईरान के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस हैं। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, तांबा, कृषि उत्पाद और खनिज भी निर्यात किए जाते हैं।

ईरान मुख्य रूप से मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, औद्योगिक कच्चा माल और दवाएं आयात करता है।

अमेरिकी नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील

ट्रम्प प्रशासन ने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। वर्चुअल अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर कहा है कि अमेरिकी नागरिक ईरान से निकलने की योजना बनाएं और इसमें अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न रहें।

ईरान के लिए वर्चुअल US एम्बेसी की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि देशभर में प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और इनके हिंसक होने की आशंका है। अलर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारियां और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच 1980 से राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसलिए ईरान में अमेरिका का फिजिकल दूतावास नहीं है। इसके चलते अमेरिका ने वर्चुअल US एम्बेसी बनाई है।

ईरान की राजधानी तेहरान में एक हॉस्पिटल के सामने लोगों की लाशों के ढेर का फुटेज।

ईरान की राजधानी तेहरान में एक हॉस्पिटल के सामने लोगों की लाशों के ढेर का फुटेज।

ट्रम्प बोले- ईरान रेड लाइन क्रॉस कर रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार देर रात कहा है कि ईरान सरकार प्रदर्शनों को रोकने के लिए रेड लाइन पार कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ‘कड़े विकल्पों’ पर विचार कर रहा है।

पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के साथ जो हो रहा है, उस पर अमेरिका की नजर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान रेड लाइन पार कर चुका है, तो उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि वे ऐसा करने लगे हैं।”

ट्रम्प ने बताया कि

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ईरान ने अमेरिका से संपर्क कर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। बैठक तय करने को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, हालात को देखते हुए उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है, क्योंकि मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है और गिरफ्तारियां जारी हैं।

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ट्रम्प ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है। वे अमेरिका से पिटते-पिटते थक गए हैं।

ट्रम्प ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है। वे अमेरिका से पिटते-पिटते थक गए हैं।

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी

प्रदर्शनों के बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेस, शिप्स और इजरायल हमारे टारगेट पर होंगे। यह बयान संसद के लाइव सत्र के दौरान दिया गया, जहां सांसद ‘डेथ टु अमेरिका’ के नारे लगा रहे थे।

कालीबाफ ने ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हालात में मजबूती से काम किया है। प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों से सबसे सख्त तरीके से निपटा जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

ईरान पर 1979 से प्रतिबंध लगा रहा अमेरिका

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाना 1979 से शुरू किया था। यह वही साल था, जब ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे के बाद 52 अमेरिकी नागरिकों को बंधक बना लिया गया। इसके बाद से अब तक करीब 45 साल में अमेरिका ने कई प्रतिबंध लगाए।

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