US-Israel vs Iran Conflict Live Updates Trump Addresses Netanyahu
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी20 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार सुबह भारतीय समय के अनुसार 6:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। ट्रम्प इस दौरान ईरान युद्ध को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प इस संबोधन में यह दावा कर सकते हैं कि अमेरिका इस जंग में जीत की स्थिति में है। वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है।
ऐसे में संभावना है कि वे औपचारिक तौर पर जीत का ऐलान करें या फिर युद्ध खत्म करने की कोई समय-सीमा (डेडलाइन) भी बता दें।
इसी के साथ ही ट्रम्प NATO को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कल ही NATO को “कागजी शेर” बताया था और कहा था कि वे NATO छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
ईरान पर हमले तेज कर सकता है अमेरिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प के संबोधन से पहले अमेरिका ईरान पर कुछ बड़े हमले कर सकता है और उसके बाद ट्रम्प युद्ध खत्म करने का रोडमैप पेश कर सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी उनका रुख साफ हो सकता है।
ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि इस समुद्री रास्ते को खुलवाने की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं लेगा। उनका कहना है कि जिन देशों को इस रास्ते की जरूरत है, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी। इसके अलावा ईरान से जुड़े देशों पर नए प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया जा सकता है।

ट्रम्प ने कहा था- ईरान ने सीजफायर की अपील की
ट्रम्प ने कल दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईरान की नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार है।
हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका अभी सीजफायर नहीं करेगा। उनका कहना है कि जब तक होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, ईरान के एक सीनियर अफसर ने कहा कि ट्रम्प के भाषण को लेकर कहा कि उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। CNN से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प बहुत अस्थिर और अजीब इंसान हैं। उनके बयान को बहुत महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
ट्रम्प बोले- ईरान से किसी डील की जरूरत नहीं
ट्रम्प ने कल यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है।
उन्होंने कहा था- ईरान को कोई डील करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते, तब हम वहां से निकल जाएंगे। डील हो या न हो, अब यह जरूरी नहीं है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम बचा है, उससे उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वह जमीन के अंदर है और आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है।

फ्रांस बोला- NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना
NATO के कई देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रम्प नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई उसके साथ नहीं आया।
वहीं फ्रांस की मंत्री एलिस रूफो ने साफ किया है कि NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना है और होर्मुज में सैन्य कार्रवाई करना उसके दायरे में नहीं आता।
ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है।
इसमें दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और संभावना है कि भारत भी इसमें भाग ले सकता है, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतें इस क्षेत्र पर काफी निर्भर हैं।
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