Zohran Mamdani Umar Khalid; New York Mayor Letter | Delhi Riots | न्यूयॉर्क के मेयर ने उमर खालिद के नाम लेटर लिखा: ममदानी बोले- तुम्हारे बारे मैं सोचता हूं; दो साल पहले खालिद की चिठ्ठी पढ़ी थी
वॉशिंगटन डीसी10 मिनट पहले
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न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने दिल्ली दंगों के कारण जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद को हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी है।
यह चिट्ठी ममदानी के 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आया है। लेटर में ममदानी ने उमर के लिए एकजुटता और समर्थन जताया।
लेटर में ममदानी ने लिखा, “प्रिय उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें तुमने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी। तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं।”

यह नोट दिसंबर 2025 में खालिद के माता-पिता की अमेरिका यात्रा के दौरान लिखा गया। खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।
उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी से मुलाकात की थी
खालिद के माता-पिता उस समय अमेरिका गए थे। दरअसल, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी होने वाली थी और वहां रहने वाली उनकी बड़ी बेटी शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी, इसलिए वे उनसे मिलने गए थे।
खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने बताया कि उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी के साथ काफी समय बिताया और उमर की जेल में बंदी की स्थिति पर चर्चा की।
यह पत्र सामने आने के साथ ही मामदानी का उमर खालिद के लिए समर्थन भी चर्चा में आ गया है।

उमर खालिद अपने माता-पिता के साथ दिसंबर 2024 में, जब उन्हें आखिरी बार अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था।
2023 में ममदानी ने खालिद का लेटर पढ़ा था
जोहरान ममदानी जून 2023 में न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान खालिद के जेल से लिखे लेटर के अंश पढ़ चुके हैं।
उस समय उन्होंने बताया था कि खालिद को बिना मुकदमे के लंबी अवधि तक हिरासत में रखा गया है, जो न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना है।
खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत कई आरोप लगाए गए हैं।
ममदानी का 2 साल पुराना वीडियो वायरल
ममदानी का उमर खालिद की डायरी पढ़ने वाला वीडियो 2023 में हुए ‘हाउडी डेमोक्रेसी’ इवेंट का है।
ममदानी मंच से कहते हैं, “मैं उमर खालिद का लिखी एक चिट्ठी पढ़ने जा रहा हूं। वे JNU के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट हैं, जिन्होंने भीड़ हिंसा और नफरत के खिलाफ कैंपेन चलाया था। वे अब तक 1000 दिनों से ज्यादा वक्त से जेल में हैं। उन पर UAPA कानून के तहत मामला चल रहा है, लेकिन अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ। उनकी जमानत कई बार खारिज की जा चुकी है और उन पर एक बार जानलेवा हमला भी हो चुका है।”
2020 से तिहाड़ जेल में बंद हैं खालिद
खालिद के खिलाफ मुख्य मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि ये दंगे एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद और अन्य आरोपियों ने भड़काऊ भाषण देकर, व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए और गुप्त बैठकों में चक्का जाम और हिंसा की योजना बनाई, जिसका मकसद सरकार को अस्थिर करना था।
खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे तिहाड़ जेल में हैं। इन आरोपों से खालिद ने लगातार इनकार किया है।

JNU के पूर्व छात्र नेता और दिल्ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद।
न्यूयॉर्क के पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर हैं ममदानी
भारतीय मूल के डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर बन गए हैं। ममदानी ने 4 नवंबर को न्यूयॉर्क शहर के मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया था।
ममदानी पिछले 100 सालों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा, पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर हैं। ममदानी मानसून वेडिंग और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाली भारतीय मूल की मीरा नायर के बेटे हैं।
चुनाव में जीत के बाद ममदानी ने ब्रुकलिन पैरामाउंट थिएटर में समर्थकों को संबोधित किया था। अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 15 अगस्त, 1947 की आधी रात को दिए गए ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ का जिक्र किया था।
इस दौरान उनकी पत्नी रामा दुवाजी, पिता महमूद ममदानी और मां मीरा नायर भी मौजूद थे।
