झज्जर के देहाती दंगल में पहुंचे बॉलीवुड एक्टर गुलशन ग्रोवर:बोले- बंद करो ये गाना, बैड मैन आया, हरियाणा आकर दिल ‘गार्डन-गार्डन’ हो जाता है
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झज्जर के डाबोदा गांव में आयोजित देहाती कुश्ती दंगल इस बार खास बन गया। मुंबई से पहुंचे बॉलीवुड के ‘बैड मैन’ गुलशन ग्रोवर ने अपने अंदाज से पूरे माहौल में जोश भर दिया। जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, दर्शकों में उत्साह दौड़ गया और तालियों की गूंज से पूरा मैदान गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर गाना चल रहा था, इसी बीच गुलशन ग्रोवर पहुंचे और अपने चिर-परिचित अंदाज में बोले- “बंद करो डायरेक्शन, बैड मैन आ गया है, अब मेरी स्पीच सुनो।” उनके इस मजाकिया अंदाज ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। हरियाणा की धरती की जमकर की तारीफ गुलशन ग्रोवर ने हरियाणा की संस्कृति और परंपरा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि, हरियाणा पहलवानों का प्रदेश है, जहां हर घर में पहलवान और फौजी मिलते हैं। उन्होंने कहा, “जब भी मैं हरियाणा आता हूं, मेरा दिल गार्डन-गार्डन हो जाता है। यहां के लोग बड़े दिल के होते हैं और अपनापन दिल छू जाता है।” स्वर्गीय मोटा पहलवान की याद में हुआ दंगल यह भव्य दंगल स्वर्गीय नरेंद्र उर्फ मोटा पहलवान (हिंद केसरी) की स्मृति में आयोजित किया गया था। आयोजन से जुड़े पहलवान राजेंद्र मलिक ने बताया कि, हर साल समाजसेवी विक्रम अपने बड़े भाई की याद में इस दंगल का आयोजन करवाते हैं, जिसमें देशभर से नामी पहलवान हिस्सा लेते हैं। हर साल बड़े सितारों की रहती है मौजूदगी राजेंद्र मलिक ने बताया कि, इस दंगल की खास बात यह है कि हर साल विक्रम किसी न किसी बड़े फिल्मी सितारे को आमंत्रित किया जाता है। पिछले साल बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली ने शिरकत की थी, जबकि इस बार गुलशन ग्रोवर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। दूर-दूर से पहुंचे पहलवान, इनाम भी रहा आकर्षण दंगल में हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी पहलवान पहुंचे। विजेताओं के लिए आकर्षक इनाम राशि रखी गई थी। पहला इनाम 1 लाख रुपए, दूसरा 51 हजार रुपए और तीसरा 31 हजार रुपए रखा गया था, जिसने प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया। इन पहलवानों ने जीता मुकाबला दंगल में दिनेश हिंद केसरी (गोयला) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और 1 लाख रुपए का इनाम जीता। दूसरी कुश्ती भोला कासनी और आशीष टिकाना के बीच बराबरी पर रही, जिसके चलते दोनों को संयुक्त रूप से इनाम दिया गया। तीसरे स्थान पर दीपांशु सांपला रहे, जिन्होंने 31 हजार रुपए का पुरस्कार अपने नाम किया। देसी घी के भंडारे ने बढ़ाया आकर्षण दंगल के दौरान हर साल की तरह इस बार भी देसी घी का भंडारा लगाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान डाबोदा गांव में मेले जैसा माहौल देखने को मिला। कुश्ती के मुकाबलों के साथ-साथ लोगों में खासा उत्साह नजर आया। ग्रामीण संस्कृति, खेल और मनोरंजन का यह संगम लोगों के लिए यादगार बन गया।
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