ट्रम्प को हर महीने बजट का हिसाब देगी वेनेजुएला सरकार:अमेरिका तेल बेचने से कमाए पैसे भेजेगा; अकाउंट संभालने की जिम्मेदारी कतर को मिली
![]()
वेनेजुएला की अंतरिम सरकार हर महीने अमेरिका को बजट का हिसाब देगी। यानी कि उन्हें यह बताना होगा कि महीनेभर में उसे पैसे कहां-कहां खर्च करने हैं। इसके बदले में अमेरिका उस पैसे को रिलीज करेगा, जो वेनेजुएला के तेल बेचने से मिला है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने यह जानकारी बुधवार को संसद में दी। रुबियो ने बताया कि अभी शुरुआत में यह पैसा जिस खाते में रखा जाएगा, उसे कतर संभालेगा इसपर डेमोक्रेट सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई। डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि कतर वेनेजुएला से हजारों मील दूर है और यह साफ नहीं है कि यह व्यवस्था कानूनी और पारदर्शी कैसे है। उन्होंने यह भी कहा कि कतर के शासक को राष्ट्रपति ट्रम्प का करीबी माना जाता है, इसलिए शक और बढ़ता है। रुबियो ने कहा कि कतर को पैसा भेजना इसलिए जरूरी है क्योंकि वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध हैं। इसके अलावा अगर पैसा सीधे आया तो वेनेजुएला को पैसा देने वाले अमेरिकी लोग उस पर कानूनी दावा कर सकते हैं। ये वही ऊर्जा कंपनियां हैं जिनकी संपत्ति करीब 20 साल पहले वेनेजुएला ने जब्त कर ली थीं। रुबियो बोले- वेनेजुएला राष्ट्रपति की गिरफ्तारी स्ट्रैटेजिक वहीं, रुबियो ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला राष्ट्रपति की गिरफ्तारी किसी तरह का एक्ट ऑप वॉर नहीं है बल्कि ये एक स्ट्रैटेजी के तहत की गई कार्रवाई थी। सीनेट में सुनवाई के दौरान रुबियो ने 3 जनवरी को मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे वाशिंगटन के तर्क को सामने रखा। सुनवाई की शुरुआत में, रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के सवालों को खारिज कर दिया। रुबियो बोले- हमारा मकसद वेनेजुएला में गृह युद्ध रोकना था अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने कहा है कि वेनेजुएला की स्थिति अस्थिर थी और उसे बचाना जरूरी था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के तीन उद्देश्य थे, जिनका अंतिम लक्ष्य एक ऐसे इन्फेक्शन को खत्म करना था जिसके बाद एक वेनेजुएला डेमोक्रोटिक बने। सुनवाई के दौरान रुबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस फैसले का बचाव किया, जिसमें मादुरो सरकार के अधिकारियों से बातचीत जारी रखने का विकल्प चुना गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तुरंत विपक्ष के सत्ता संभालने के समर्थन के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी। रुबियो के अनुसार पहली प्राथमिकता वेनेजुएला में गृह युद्ध को रोकना था। इसके लिए उन लोगों से सीधे, ईमानदार और सम्मानजनक बातचीत की कोशिश की गई, जो फिलहाल देश को कंट्रोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा बड़ा मकसद देश को फिर से संभालने पर ध्यान देना है। इसके तहत वेनेजुएला के तेल उद्योग को दोबारा चालू और मजबूत करना है। मकसद यह है कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर हो सके। सीनेटर ने ऑपरेशन के खर्च पर सवाल उठाए सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने इस ऑपरेशन के खर्च पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई और समुद्री नाकेबंदी पर करीब 1 अरब डॉलर खर्च हो सकता है। शाहीन ने कहा कि उनके मतदाता पूछ रहे हैं कि राष्ट्रपति महंगाई और रोजमर्रा की दिक्कतों के बजाय वेनेजुएला पर इतना ध्यान क्यों दे रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने पूछा कि क्या यह ऑपरेशन युद्ध जैसा है। इस पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका इसे युद्ध नहीं मानता। उन्होंने मादुरो के विवादित 2024 के चुनाव और ड्रग तस्करी के आरोपों का भी जिक्र किया। लेकिन रैंड पॉल ने इन दलीलों को खोखला बताकर खारिज कर दिया। रुबियो ने कहा कि आगे किसी बड़े सैन्य कदम की संभावना कम है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका न तो सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है और न ही इसकी उम्मीद करता है। हालांकि जरूरत पड़ने पर अपने हितों की रक्षा से इनकार भी नहीं किया। रुबियो ने वेनेजुएला के तेल से जुड़े समझौते की जानकारी दी रुबियो ने कहा कि किए गए समझैते के तहत मंजूर किए गए तेल को ही बाजार में बेचने की इजाजत होगी। इस बिक्री से मिलने वाला पैसा एक खास खाते में जमा होगा, जिस पर अमेरिका नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल वेनेजुएला के लोगों के लिए किया जाएगा। उन्होंने इसे एक अस्थायी व्यवस्था बताया। आगे चलकर इस व्यवस्था को सामान्य व्यापार प्रणाली में बदला जाएगा। मादुरो को 3 जनवरी को पकड़ा गया अमेरिकी सैनिकों ने 3 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को पकड़ा था। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। उन पर हथियार-ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा। मादुरो ने ड्रग तस्करी से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। उनके मुकदमे की सुनवाई शुरू होने में अभी कई महीने लग सकते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका:ट्रम्प दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के अफसरों से मिले; रिलायंस भी तेल खरीद सकती है अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। अधिकारी के मुताबिक यह सब अमेरिका की निगरानी और शर्तों के साथ होगा। हालांकि इससे जुड़ी शर्तें क्या हैं, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पूरी खबर पढ़ें…
Source link