नवीन पटनायक बोले- निशिकांत को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:बीजू पटनायक को नेहरु और CIA के बीच कड़ी बताया था; बीजद सांसद का संसदीय समिति से इस्तीफा
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ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने उनके पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की है। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत के दौरान पटनायक ने कहा- बीजेपी सांसद ने जो बयान दिया है, वह काफी आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। दरअसल, 27 मार्च को निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के साथ युद्ध के दौरान बीजू पटनायक, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और CIA के बीच कड़ी थे। इस दावे पर नवीन पटनायक ने कहा- मैं उस समय करीब 13 साल का था और मुझे याद है कि चीनी हमले को लेकर बिजू बाबू कितने गुस्से में थे। उन्होंने उसे रोकने के लिए क्या-क्या किया। इसी बीच बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने 28 मार्च को निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के अन्य सांसदों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की है। BJD सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया बीजद ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल का स्तर इतना गिर गया है कि इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। इसके विरोध में BJD के सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63 और 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे एक स्वतंत्रता सेनानी और एविएटर थे। वे 1947 में इंडोनेशिया के स्वतंत्रता सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान भरने जैसे साहसिक मिशनों के लिए जाने जाते हैं। साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका रही थी। ——————————- रुपया गिरने पर लोकसभा में हंगामा; सीतारमण बोलीं- इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड से बैंकिंग क्षेत्र में सुधार आया वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (IBC) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है। पूरी खबर पढ़ें…
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