March 26, 2026

भोपाल नगर निगम अवैध तोड़फोड़ का दोषी:हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी की, कमिश्नर को आज सुनाई जाएगी सजा

0
cover28-2_1770311107.gif




मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम को अवैध निर्माण गिराने के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कहा- भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन किए बिना निर्माण को गिराया। यह कानून के राज को चुनौती देने जैसा है। हाईकोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने से पहले नोटिस में स्पष्ट आरोप, व्यक्तिगत सुनवाई, सुनवाई की कार्यवाही दर्ज करना और अंतिम आदेश के बाद अपील का मौका देने
जैसी अनिवार्य शर्तें तय की हैं। भोपाल नगर निगम ने इन प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी, जो कानूनन गलत है। यह आदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड बनाम नगर निगम भोपाल मामले में गुरुवार को दिया है। हाईकोर्ट ने भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 फरवरी 2026 को सजा के लिए सुनवाई तय की है। केस विचाराधीन था, फिर भी तोड़फोड़ की
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा- अवैध निर्माण को लेकर सिविल कोर्ट में केस चल रहा था। इसके बावजूद नगर निगम ने कोर्ट से अनुमति लिए बिना तोड़फोड़ कर दी।
कंपनी की दलील- कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना की तोड़फोड़
दरअसल, भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में मार्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति के एक हिस्से को अवैध बताते हुए नगर निगम ने तोड़ने का नोटिस दिया था। कंपनी ने इसको सिविल कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई पूरी हुए बिना ही नगर निगम ने इस हिस्से को ढहा दिया। इस पर कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा- नगर निगम ने 18 नवंबर 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए तोड़ दिया। वहीं, नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था और 7 नवंबर 2024 को दी गई अनुमति रद्द की जा चुकी थी। निगम ने यह भी कहा कि 14 मई 2025 को नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। निगम कमिश्नर ने माना- निर्माण पहले जैसा नहीं कर सकते
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन खुद पेश हुईं। निगम की ओर से बिना शर्त माफी का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन कोर्ट ने शर्त रखी कि तोड़ा गया हिस्सा पहले जैसा बना दिया जाए। इस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि तोड़े गए निर्माण को पहले जैसा नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने कहा- अब आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखना होगा। 6 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा पर सुनवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… कम्प्यूटर टीचर्स की आउटसोर्सिंग पर रोक मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्टेड कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स को आउटसोर्स व्यवस्था में लाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने सरकार, लोक शिक्षण संचालनालय और समग्र शिक्षा अभियान को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *