जेन अल्फा; 31% बचत कर रहे, 70% कमाई की तलाश:भारतीय किशोर अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वित्तीय फैसलों और ब्रांड चयन में भी सक्रिय
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देश के किशोर यानी जेन अल्फा अब सिर्फ खर्च करने वाले नहीं, फैसले लेने वाली ताकत बन रहे हैं। रुकम कैपिटल की ‘जेन अल्फा डिकोडेड’ रिपोर्ट के अनुसार देश के 70% किशोर पैसे कमाने के तरीके तलाश रहे हैं, जबकि 31% बच्चे अपनी पॉकेट मनी का बड़ा हिस्सा बचाते हैं। वहीं 25% खर्च से पहले माता-पिता से सलाह लेते हैं। सबसे बड़ा बदलाव फैसलों में दिखता है। 66% बच्चे घर के रोजमर्रा खर्च और खरीदारी को प्रभावित करते हैं। 50% बच्चे खुद ब्रांड की मांग करते हैं। डिजिटल एक्सेस – यूट्यूब का दबदबा, आधे से ज्यादा बच्चे सोशल मीडिया और 73% की फोन तक पहुंच 73%-स्मार्टफोन 82%-यू-ट्यूब 61%- यू-ट्यूब -किड्स 60%-लैपटॉप 51%-सोशल मीडिया 50%-ओटीटी – 66% बच्चे फूड, कपड़े और मनोरंजन के निर्णयों को प्रभावित करते हैं। – जेन अल्फा – 2010 के बाद जन्मे बच्चे, देश की आबादी के एक चौथाई। 42% बच्चे, नया फीचर आने पर ब्रांड बदल देते हैं आज के बच्चे बाजार में उपलब्ध सामानों को लेकर जागरूक हैं। उनका चुनाव अब सिर्फ आकर्षण पर निर्भर नहीं है। वे प्रोडक्ट के फीचर और उपयोगिता को ध्यान में रखते हैं। 34% बच्चे किसी प्रोडक्ट की उपयोगिता और 34% उसके शैक्षिक मूल्य से प्रभावित होते हैं। 42% बच्चे नए फीचर आने पर पुराने ब्रांड छोड़कर विकल्प को अपनाने के लिए तैयार रहते हैं। 21% जेन अल्फा बॉलीवुड संगीत तो 16% ट्रेंडिंग गानों को सुनते हैं संगीत की पसंद – 21% जेन अल्फा बच्चे बॉलीवुड संगीत सुनना पसंद करते हैं, जबकि 16% सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग गानों को सुनना पसंद करते हैं। डांस का शौक – नृत्य में 26% बच्चे बॉलीवुड स्टाइल को प्राथमिकता देते हैं। दूसरी ओर 16 फीसदी बच्चे भारतीय शास्त्रीय नृत्य की ओर आकर्षित होते हैं। एजुटेक में प्रभाव – ऑनलाइन पढ़ाई और एजुटेक एप्स को चुनने में 40% जेन अल्फा बच्चे अपने माता-पिता के फैसलों को प्रभावित करते हैं। परिवार का समर्थन – 13% बच्चे अपनी मांग को मनवाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों (जैसे दादा-दादी) का रणनीतिक समर्थन लेते हैं सर्वे – बच्चों, पैरेंट्स सहित 2,000 से अधिक शामिल।
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