Nawazuddin Siddiqui Clarifies Fake Films Statement
13 मिनट पहले
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एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने धुरंधर 2 की रिलीज के समय दिए गए अपने नकली और झूठी फिल्मों वाले बयान पर सफाई दी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका निशाना कोई खास फिल्म या एक्टर नहीं था।
नवाजुद्दीन ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब वे फिल्मों की कमियों के बारे में बात करते हैं, तो वे किसी हालिया रिलीज या खास प्रोजेक्ट को टारगेट नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा 70 और 80 के दशक से चली आ रही फिल्म मेकिंग की तरफ था। नवाज के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरती यही है कि यहां हर तरह के सिनेमा के लिए जगह है।

बड़ी फिल्मों के खर्चे और छोटे बजट का गणित अपनी नई फिल्म ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ का उदाहरण देते हुए नवाज ने बजट के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा, “एक तरफ ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी फिल्में हैं जो करोड़ों का बिजनेस करती हैं और जिन्हें लाखों लोग देखते हैं। दूसरी तरफ मेरी जैसी फिल्में हैं जो बहुत कम बजट में बनती हैं।” नवाज ने कहा कि जितने पैसे में बड़ी फिल्मों का एक दिन का खर्चा निकलता है, उतने में उनकी पूरी फिल्म तैयार हो जाती है।
क्या था पूरा मामला? यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक पुराने इंटरव्यू में नवाज ने कहा था कि आजकल ‘नकली और झूठी’ फिल्में बन रही हैं, जिनमें केवल प्रचार का सहारा लिया जाता है। उन्होंने कहा था कि मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी जा रही हैं और एक खास नैरेटिव सेट किया जा रहा है। चूंकि यह बयान फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज और चर्चा के समय आया था, इसलिए लोगों ने इसे सीधे रणवीर सिंह और डायरेक्टर आदित्य धर से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था।

रणवीर सिंह का समर्थन किया सोशल मीडिया पर अक्सर रणवीर सिंह की ‘मेथड एक्टिंग’ का मजाक बनाया जाता है, लेकिन नवाज इसके समर्थन में खड़े दिखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में गहराई में न जाने को ‘कूल’ मान लिया जाता है, जो गलत है। नवाज ने जोर देकर कहा कि एक्टिंग के लिए पढ़ाई, अभ्यास और गंभीरता बहुत जरूरी है। उन्होंने रणवीर जैसे एक्टर्स की तारीफ की जो किरदार में पूरी तरह डूब जाते हैं।
