Madhuri Dixit’s stardom was unknown to her sons. | ‘बच्चों को मेरे स्टारडम का अंदाजा नहीं था’: माधुरी दीक्षित ने बताया बेटों का रिएक्शन, बोलीं- पहली बार पैपराजी को देख कंफ्यूज हो गए थे
2 घंटे पहले
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माधुरी दीक्षित अपनी अपकमिंग सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। इसी सिलसिले में माधुरी यूट्यूबर रणवीर अलहाबादिया के पॉडकास्ट में पहुंचीं।
यहां उन्होंने अपने जीवन के कई पहलुओं पर बात की हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे उनके बच्चों को उनके स्टारडम और फिल्मों के बारे में कोई आइडिया नहीं था। जब वो पहली बार इंडिया आए, तब उन्हें उनकी स्टारडम के बारे में पता चला।
पॉडकास्ट में रणवीर पूछते हैं कि आपने अपने बच्चों को माधुरी दीक्षित कौन है, कैसे एक्सप्लेन किया। इसके जवाब में माधुरी बताती हैं- ‘जब तक भारत में शिफ्ट नहीं हुए, उन्हें कुछ नहीं पता था। एक बार हम लोग पीवीआर में फिल्म देखने चले गए, जब बाहर आए तो इतने फोटोग्राफर फोटो क्लिक करने लगे कि वो कंफ्यूज हो गए कि क्या चल रहा है।
फिर घर जाकर उन्होंने पूछा कि क्या चल रहा था। फिर मैंने उन्हें बताया कि मैं एक्ट्रेस हूं। इस वजह से वो सब मेरी फोटो लेना चाहते थे।’

माधुरी 1999 में डॉक्टर श्रीराम नेने से शादी करने के बाद अमेरिका शिफ्ट हो गई थीं। 2011 में वो पति और दोनों बेटे के साथ इंडिया वापस आईं।
माधुरी आगे कहती हैं- ‘जब हम इंडिया आए तो मेरे बेटे 6-7 साल के थे। यूएस में उन्हें कुछ पता नहीं था लेकिन जब इंडिया में वो स्कूल जाने लगे तो उन्हें धीरे-धीरे पता चला कि मैं कौन हूं। स्कूल में कोई बच्चा आकर बोल देता कि तुम बहुत लकी हो क्योंकि तुम्हारी मां माधुरी दीक्षित है। फिर वो मुझसे से आकर कहते हैं कि तुम तो हमारी मां हो। फिर वो क्यों कहते हैं कि हम लकी हैं।’
रणवीर माधुरी से पूछते हैं कि उन्होंने अपने बेटों को अपनी पहली फिल्म कौन सी दिखाई थी। इस सवाल के जवाब में वो कहती हैं कि फिल्मी घरों में ऐसा नहीं होता है कि हम बुलाकर कहें कि आओ बच्चों मेरी फिल्म देखे।

फिर आगे बताती हैं- ‘मेरे बड़े बेटे ने हाल ही में ‘दिल तो पागल है’ देखी और उसे बहुत पसंद आई। उसने मुझसे कहा कि मां आपने ये फिल्म हमें पहले कभी नहीं दिखाई। मैंने उससे पूछा तुम्हें कभी फिल्म देखने में दिलचस्पी थी।’
माधुरी बताती हैं कि उनके बेटों को सुपरहीरो फिल्में या कार्टून पसंद थे, वो ज्यादातर वही देखते थे। दूसरा उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी। अब जाकर उन्होंने हिंदी और मराठी सीखी है।