PF Withdrawal Instant Money for 7.8 Crore Subscribers
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नई दिल्ली27 मिनट पहले
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) मई के अंत तक ATM और UPI के जरिए फंड निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। EPFO 3.0 पहल के तहत 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को बिना किसी कागजी कार्रवाई के फंड तुरंत मिल सकेगा।
ये सिस्टम 2026 के मध्य तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके बाद PF से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं यूजर फ्रेंडली हो जाएंगी। इसमें ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और कर्मचारी की पसंद के बैंक खाते में सीधे फंड ट्रांसफर करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
ATM और UPI का विकल्प मिलने से PF खाताधारकों को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए इस नई व्यवस्था और इससे होने वाले बदलावों को इन सवाल-जवाब से समझें…
सवाल 1: EPFO 3.0 क्या है और इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों है?
जवाब: EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन। ये सैलरी से कटने वाली PF राशि को मैनेज करता है और रिटायरमेंट के लिए बचत का इंतजाम करता है। EPFO 3.0 इसका नया डिजिटल अपग्रेड है, जो 7.8 करोड़ सदस्यों के लिए PF प्रोसेस को आसान और तेज करने वाला है। EPFO 2.0 में पहले ही कुछ सुधार हुए थे, लेकिन 3.0 को गेम-चेंजर माना जा रहा है।

सवाल 2: ATM-UPI से PF विड्रॉल की सुविधा क्या है और ये कैसे काम करेगी?
जवाब: ये EPFO 3.0 का सबसे खास फीचर है। अभी PF निकालने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है, दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं और 7-10 दिन का इंतजार करना पड़ता है।
लेकिन EPFO 3.0 में आप अपने PF खाते से ATM के जरिए सीधे पैसे निकाल सकेंगे, जैसे डेबिट कार्ड से कैश निकालते हैं।
साथ ही फोनपे, गूगलपे जैसे UPI एप से 1 लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर हो सकेंगे। इससे इमरजेंसी में पैसों की जरूरत आसानी से पूरी हो सकेगी।

सवाल 3: आसान निकासी की सुविधा क्या सभी को मिलेगी?
जवाब: ATM, UPI से निकासी की कुछ शर्तें होंगी। सदस्य का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव होना जरूरी है। यह आधार, पैन, बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड जैसे दस्तावेजों से जुड़ा भी होना चाहिए।
PF खाते से कितना पैसा निकाल सकेंगे?
जवाब: ईपीएफओ ATM या UPI के जरिए निकासी की सीमा तय करने जा रहा है। इसके तहत यूजर अपने PF खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 50% ही निकाल पाएंगे।
हालांकि, PF विड्रॉल के नियम के तहत अगर किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है तो वह 1 माह के बाद PF अकाउंट से 75% पैसा निकाल सकता है। इससे वह बेरोजगारी के दौरान अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। PF में जमा बाकी 25% हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है।

सवाल: 4 ATM और UPI से पीएफ का पैसा कैसे निकालेगा?
जवाब: इस नई प्रोसेस में EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक विशेष ATM कार्ड जारी करेगा, जो उनके PF अकाउंट से लिंक होगा। इस कार्ड का इस्तेमाल करके सब्सक्राइबर्स ATM मशीनों से सीधे अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। वहीं UPI से पैसा निकालने के लिए आपको अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक करना होगा। इसके बाद सब्सक्राइबर्स PF का पैसा अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे।
सवाल 5: ATM निकासी के अलावा EPFO 3.0 में और क्या नया आएगा?
जवाब: कई नई सुविधाएं आएंगी:
- क्लेम दाखिल करते ही ऑटोमैटिकली अप्रूव हो जाएगा, मैनुअल चेकिंग की जरूरत नहीं।
- PF डिटेल्स में गलती हो तो EPFO ऑफिस जाने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन ठीक होगी।
- e-KYC प्रक्रिया आसान होगी। एप या पोर्टल पर तुरंत अपडेट्स मिलेंगे।
- पेंशनर्स के लिए सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम। इससे किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन मिल सकेगी।
- हाउसिंग, एजुकेशन, मैरिज जैसे कामों के लिए PF निकालना आसान होगा।
सवाल 6: सदस्यों को इसका क्या फायदा होगा? कोई शर्तें हैं क्या?
जवाब: तुरंत पैसे निकालने की सुविधा, कम पेपर वर्क, समय की बचत जैसे फायदे होंगे। लेकिन कुछ शर्तें हैं जैसे UAN एक्टिवेट होना चाहिए, आधार-PAN बैंक खाते से लिंक होने चाहिए।
अगर सर्विस 5 साल से कम है, तो फाइनल सेटलमेंट के लिए PAN जरूरी है। 10 साल की सर्विस के बाद पूरी राशि निकालने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, लेकिन अभी पक्का नहीं।
कुल मिलाकर, ये सुविधाएं नौकरी बदलने वालों और आपातकाल में मदद चाहने वालों के लिए बहुत उपयोगी होंगी।
सवाल 7: PF खाते में जमा पैसे निकालना कितना सही कदम है?
जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, PF खाता आपके रिटायरमेंट का आधार है। इसमें मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करता है। EPFO ने निकासी प्रक्रिया को डिजिटल और तेज जरूर बनाया है, लेकिन हर छोटी निकासी उनके बुढ़ापे की सुरक्षा को कमजोर करती है।
PF निकासी इनकम टैक्स के नियम
कर्मचारी को यदि किसी कंपनी में सेवाएं देते 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो PF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होती। 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है। एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं। कुल अवधि कम से कम 5 साल होना जरूरी होता है।
