May 10, 2026

UP CM Yogi Meets Governor; Cabinet Expansion Next Week

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योगी कैबिनेट का रविवार को दूसरी बार विस्तार होगा। दोपहर साढ़े 3 बजे 6 नए मंत्री शपथ लेंगे। सपा से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय को मंत्री बनाया जाएगा। उनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्म

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नए बनने वाले मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित वर्ग से हैं। इससे पहले शनिवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सीएम योगी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक बात कर योगी ने राज्यपाल को नए बनने वाले मंत्रियों की लिस्ट सौंपी।

वहीं, रविवार को राज्यपाल और सीएम योगी लोकभवन में फिल्म ‘कृष्णावतारम’ देखेंगे। योगी के साथ उनका पूरा भी मौजूद रहेगा। इसके लिए सभी मंत्रियों को सूचना भेज दी गई है। अभी यूपी सरकार में सीएम योगी को मिलाकर कुल 54 मंत्री हैं। योगी 2.0 का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव- 2024 से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था।

जनभवन (राज भवन) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करते सीएम योगी। उन्होंने राज्यपाल को लालचंद राम की लिखी पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा’ भेंट की।

जनभवन (राज भवन) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करते सीएम योगी। उन्होंने राज्यपाल को लालचंद राम की लिखी पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा’ भेंट की।

अब उन चेहरों को जानिए, जो बनेंगे मंत्री

1- भूपेंद्र सिंह चौधरी: यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट चेहरों में शामिल हैं। मुरादाबाद के रहने वाले हैं। संघ और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे। 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने। अभी भी एमएलसी हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज बने।

2- मनोज पांडेय: रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2012-17 में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक भी रहे। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल में बड़े ब्राह्मण नेता हैं।

यह 12 मई, 2024 की तस्वीर है। जब गृहमंत्री अमित शाह सपा विधायक मनोज पांडेय के घर रायबरेली पहुंचे थे।

यह 12 मई, 2024 की तस्वीर है। जब गृहमंत्री अमित शाह सपा विधायक मनोज पांडेय के घर रायबरेली पहुंचे थे।

3- कृष्णा पासवान: फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में संघर्ष भरे जीवन की शुरुआत करने वाली कृष्णा पासवान जिले की प्रमुख दलित नेताओं में गिनी जाती हैं। वह 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। यूपी भाजपा का विश्वसनीय महिला चेहरा मानी जाती हैं।

4- सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में शामिल हैं। वह हाथरस के पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं। उनके बाबा किशन लाल दिलेर 6 बार विधायक और 4 बार सांसद रहे हैं। उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर एक बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं।

5- हंसराज विश्वकर्मा: भाजपा से विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं। पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। 1989 में बूथ स्तर से राजनीतिक सफर शुरू किया। राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में वाराणसी में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

हंसराज विश्वकर्मा ने लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में भाजपा के लिए काफी काम किया है। पीएम मोदी के चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे थे। (फाइल फोटो)

हंसराज विश्वकर्मा ने लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में भाजपा के लिए काफी काम किया है। पीएम मोदी के चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे थे। (फाइल फोटो)

6- कैलाश सिंह राजपूत: 1996 में तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। इसके बाद 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से भाजपा के साथ जुड़े और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2022 में भी उन्होंने कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की।

ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

शंकराचार्य विवाद, UGC के नए नियम, पुलिस भर्ती एग्जाम में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवादित प्रश्न जैसे मुद्दों के चलते ब्राह्मण समाज में नाराजगी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सरकार और संगठन की समन्वय बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए कहा था।

मंत्रिमंडल में अभी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कुल 7 मंत्री ब्राह्मण हैं। पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के सांसद और केंद्र में मंत्री बनने के बाद योगी मंत्रिमंडल में ब्राह्मण कोटे की एक सीट खाली है। इसके लिए पार्टी ने मनोज पांडेय को चुना है। वह रविवार को शपथ लेंगे।

दलित वर्ग से 2 मंत्री होंगे सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल करके सरकार ने दलित वर्ग को संदेश देने की कोशिश की है। इससे पहले योगी सरकार में एक कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य समेत कुल 8 मंत्री दलित वर्ग से हैं। यूपी विधानसभा में कुल 86 सीटें आरक्षित हैं। इनमें SC के लिए 84 और ST के लिए 2 सीटें सुरक्षित की गई हैं। इनमें 67 दलित विधायक भाजपा के हैं।

महिलाओं के लिए मंत्रिमंडल में बनाई जगह यूपी विधानसभा में 51 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा की 30, अपना दल (एस) की 4 और रालोद की 1 विधायक हैं। योगी सरकार में कुल 5 महिला मंत्री हैं। महिला आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सका।

भाजपा महिलाओं के बीच विपक्ष के खिलाफ इसे मुद्दा बना रही है। इसको और पुख्ता करने के लिए कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

पिछड़े वर्ग से 3 चेहरे बनेंगे मंत्री

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी सुनील बंसल से मिलने पहुंचे थे। यह उस वक्त की तस्वीर है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी सुनील बंसल से मिलने पहुंचे थे। यह उस वक्त की तस्वीर है।

पिछड़े वर्ग से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, राकेश सचान, अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान और चौधरी लक्ष्मी नारायण कैबिनेट मंत्री हैं।

सहयोगी दलों से कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद भी पिछड़े वर्ग से हैं। 5 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं और 6 राज्यमंत्री हैं। रविवार को हो रहे मंत्रिमंडल विस्तार में पिछड़े वर्ग से 3 चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें जाट समाज से आने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत शामिल हैं।

पहले मंत्रिमंडल विस्तार में बनाए गए थे 4 मंत्री

योगी 2.0 का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव- 2024 से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। इस दौरान 4 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। इनमें सपा से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ आने वाले सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर, सपा छोड़कर भाजपा जॉइन करने वाले दारा सिंह चौहान, रालोद कोटे से अनिल कुमार और भाजपा के सुनील शर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।

अखिलेश यादव का तंज, दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?

यूपी में कैबिनेट विस्तार को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने लिखा- क्या दिल्ली से पर्ची आ गई है? CM की शक्ति का कटाव-छटाव हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है, उनसे भी पूछ लो। उन्होंने लिखा कि रील बनाएंगे या कुछ भला भी होगा?

जानिए अभी योगी कैबिनेट में कौन-कौन मंत्री हैं

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