May 4, 2026

Viraj, Shritamil Bodies Found; Death Toll Reaches 11

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बरगी बांध से रविवार को कामराज और उनके भतीजे मयूरन के शव निकाले गए।

“यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है… हमें रेमेडी (मुआवजा) नहीं, जस्टिस चाहिए। इसके लिए सारा का सारा एमपी टूरिज्म डिपार्टमेंट रिस्पॉन्सबल है। अभी तक कितने ऑफिसर अरेस्ट किए गए, कितने सस्पेंड किए गए? बोट ऑपरेटर कहां है? उसे अरेस्ट क्यों नहीं किया गया? ”

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यह आक्रोश है क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले कामराज के दोस्त और सहकर्मी का। उन्होंने सीधे तौर पर टूरिज्म डिपार्टमेंट को कटघरे में खड़ा किया और अफसरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

उनका कहना था कि कामराज की सैलरी 1 लाख रुपए थी, ऐसे में सहायता राशि से नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है, जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।

वहीं आज सुबह 9.40 बजे कामराज आर. का शव निकाला गया। इससे पहले सुबह करीब 6 बजे उनके 8 साल के भतीजे मयूरन की डेडबॉडी मिली थी। वह त्रिची (तमिलनाडु) से आया था। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले शनिवार शाम 6 बजे दो बच्चों के शव मिले थे। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल पिता कामराज (5) और दूसरे की विराज पिता कृष्ण सोनी (5) के रूप में हुई थी।

हादसे के पहले दिन (30 अप्रैल) 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और आज चौथे दिन दो शव मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एहतियात के तौर पर आज दिनभर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।

30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में डूबा था क्रूज।

30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में डूबा था क्रूज।

शाम 5 बजे तेज हवा में पलटा था क्रूज

30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। उसमें करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी।

कार्गो विमान से तमिलनाडु भेजे गए शव

बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेजे गए। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए शवों को त्रिची रवाना किया गया। शुरुआत में तकनीकी कारणों से एक कार्गो विमान में दिक्कत आई, जिसके बाद शवों को दूसरे विमान से भेजा गया।

मृतकों के परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

देखिए कामराज के परिवार की तस्वीरें…

बरगी डैम जाने से पहले परिवार भेड़ाघाट गया था। वहां रोप-वे का आनंद लिया था।

बरगी डैम जाने से पहले परिवार भेड़ाघाट गया था। वहां रोप-वे का आनंद लिया था।

कामराज, उनकी पत्नी करकुलाझी और बेटा श्रीतमिल। तीनों की हादसे में मौत हो गई।

कामराज, उनकी पत्नी करकुलाझी और बेटा श्रीतमिल। तीनों की हादसे में मौत हो गई।

कामराज का भतीजा मयूरन। इसकी भी हादसे में जान चली गई।

कामराज का भतीजा मयूरन। इसकी भी हादसे में जान चली गई।

बवंडर को बताया हादसे की वजह

एमपी टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार, बरगी डैम हादसा अचानक आए मिनी बवंडर और तेज लहरों के कारण हुआ। उनका कहना है कि ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह पलट गया।

हालांंकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल अब भी अनसुलझा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही यलो अलर्ट जारी कर दिया था तो फिर क्रूज का ऑपरेशन क्यों नहीं रोका गया? यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग या अलर्ट सिस्टम मौजूद था या नहीं।

जानिए, 3 दिनों में क्या-क्या हुआ

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