April 18, 2026

world updates| russia, china, USA, putin, trump| India to Host BRICS & QUAD Foreign Ministers Meet in May 2026

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2 दिन पहले

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सऊदी अरब ने बिना परमिट हज करने वालों और मदद करने वालों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। 18 अप्रैल से जून मध्य तक लागू नियमों के तहत 1 लाख सऊदी रियाल (करीब ₹25 लाख) तक जुर्माना लगाया जा सकता है। मक्का और आसपास के पवित्र स्थलों में हज सीजन के दौरान सख्ती रहेगी।

देश के गृह मंत्रालय के मुताबिक, विजिट वीजा दिलवाने, ट्रांसपोर्ट या ठहरने की व्यवस्था में मदद करने वालों पर भी उतना ही जुर्माना लगेगा। एक से ज्यादा लोगों के शामिल होने पर राशि बढ़ सकती है। बिना परमिट मक्का में प्रवेश या वीजा अवधि से ज्यादा रुकने वालों को डिपोर्ट कर 10 साल तक आने से रोका जाएगा।

इसके अलावा, ऐसे मामलों में इस्तेमाल किए गए वाहनों को जब्त किया जा सकता है। जुर्माना लगने के बाद 30 दिनों के भीतर शिकायत और 60 दिनों के अंदर प्रशासनिक कोर्ट में अपील का अधिकार दिया गया है।

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अंडमान सागर में नाव डूबी, 250 रोहिंग्या-बांग्लादेशी लापता, मलेशिया जा रहे थे

अंडमान सागर में एक नाव डूबने से करीब 250 रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक लापता हो गए हैं। UN रिफ्यूजी और माइग्रेशन एजेंसी के मुताबिक, यह हादसा पिछले हफ्ते खराब मौसम और ओवरलोडिंग के कारण हुआ।

यह ट्रॉलर बांग्लादेश से मलेशिया जा रहा था। बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने 9 अप्रैल को अपने एक जहाज के जरिए 9 लोगों को बचाया, लेकिन बाकी लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

रोहिंग्या समुदाय 2017 में म्यांमार में हुई हिंसा के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुआ था। म्यांमार की सरकार उन्हें नागरिकता नहीं देती। वहीं, बांग्लादेश के शरणार्थी कैंपों में खराब हालात के चलते कई लोग मलेशिया जैसे देशों में बेहतर जिंदगी की तलाश में खतरनाक समुद्री सफर करते हैं।

रेस्क्यू किए गए रफीकुल इस्लाम ने बताया कि वह करीब 36 घंटे तक समुद्र में तैरता रहा और नाव से गिरे तेल से झुलस गया। उसका कहना है कि मलेशिया में नौकरी की उम्मीद में उसने यह सफर शुरू किया था।

सिंगापुर जा रही फ्लाइट में भारतीय शख्स पर महिला का यौन उत्पीड़न करने का आरोप, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने गिरफ्तार किया

ऑस्ट्रेलिया जा रही एक फ्लाइट में 52 साल के भारतीय यात्री को एक महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान सुधीर कुमार चौहान के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने सोमवार को सिंगापुर से पर्थ जा रही स्कूट एयरलाइंस की फ्लाइट में अपने पास बैठी महिला के साथ गलत हरकत की।

घटना के बाद महिला ने तुरंत फ्लाइट क्रू को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसे दूसरी सीट पर बैठा दिया गया ताकि वह सुरक्षित रह सके।

एयरलाइन स्टाफ ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी और पूरी फ्लाइट के दौरान आरोपी पर नजर रखी। जैसे ही फ्लाइट पर्थ एयरपोर्ट पर उतरी, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। उस पर बिना सहमति के यौन संबंध बनाने और अश्लील हरकत करने के कई आरोप लगाए गए हैं।

ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस ने कहा कि विमान या एयरपोर्ट पर किसी भी तरह की अश्लील हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसकी जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।

ट्रम्प बोले- ब्रिटेन को नॉर्थ सी का तेल बेचकर मुनाफा कमाना चाहिए, ये न करना पागलपन है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन की ऊर्जा नीति पर सवाल उठाते हुए नॉर्थ सी में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अपने बड़े ऊर्जा संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रहा।

ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रम्प ने लिखा कि यूके नॉर्थ सी के तेल भंडार को नहीं खोल रहा, जो दुनिया के सबसे बड़े फील्ड्स में से एक है। उन्होंने कहा, ‘यूके को ड्रिल करना चाहिए, यह बिल्कुल पागलपन है कि वे ऐसा नहीं कर रहे।’

ट्रम्प ने स्कॉटलैंड के एबरडीन शहर का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र तेल-गैस उत्पादन से समृद्ध हो सकता है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, खासकर विंडमिल्स का विरोध करते हुए कहा कि अब और विंडमिल्स नही लगनी चाहिए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब IMF ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ट्रम्प ने नॉर्वे का उदाहरण देते हुए कहा कि वह नॉर्थ सी का तेल ब्रिटेन को ऊंचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमा रहा है, जबकि ब्रिटेन अपने संसाधनों का पूरा फायदा नहीं उठा रहा।

भारत में अगले महीने ब्रिक्स और क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक, अमेरिकी विदेश मंत्री भी आएंगे

भारत मई में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस मंच पर ईरान और UAE के प्रतिनिधि आमने-सामने होंगे। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला सीधा संपर्क होगा।

सूत्रों के मुताबिक, भारत इस बैठक के जरिए क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। ब्रिक्स मंच पर सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इधर, भारत मई के आखिरी हफ्ते में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की तैयारी में भी है। इसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिए हैं कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो मई में भारत आ सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इस दौरे का जिक्र किया है।

ट्रम्प सरकार ने भारतीय मूल की जज रूपल पटेल को बर्खास्त किया

अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने भारतीय मूल की इमिग्रेशन जज रूपल पटेल को पद से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक हाई-प्रोफाइल डिपोर्टेशन केस को रोक दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

रूपल पटेल उन 6 जजों में शामिल थीं, जिन्हें शुक्रवार को बर्खास्त किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जजों पर डिपोर्टेशन के पक्ष में फैसले देने का दबाव बनाया जा रहा था।

पटेल को 2024 में नियुक्त किया गया था और उनका प्रोबेशन पीरियड खत्म होने वाला था। जनवरी में उन्होंने तुर्की मूल की छात्रा रुमेयसा ओजतुर्क के डिपोर्टेशन के खिलाफ फैसला दिया था। छात्रा का वीजा फिलिस्तीन मुद्दे पर लिखने के बाद रद्द कर दिया गया था।

रूपल पटेल का कहना है कि अमेरिका में सभी लोगों को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है। इधर, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने इन फैसलों को चुनौती दी है और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही है।

ट्रम्प प्रशासन अब तक 100 से ज्यादा इमिग्रेशन जजों को हटा चुका है और 140 से ज्यादा नए जज नियुक्त कर चुका है।

साउथ अफ्रीका ने अमेरिका में 1 साल बाद राजदूत की नियुक्ति की

साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अमेरिका में नए राजदूत की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने वरिष्ठ नेता रूएल्फ मेयर को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी जानकारी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने दी।

रूएल्फ मेयर 1990 के दशक में रंगभेद खत्म करने के लिए हुई ऐतिहासिक बातचीत में सरकार के मुख्य वार्ताकार रह चुके हैं। बाद में वे नेल्सन मंडेला की एकता सरकार का भी हिस्सा बने थे।

अमेरिका में यह पद लंबे समय से खाली था। मार्च 2025 में पूर्व राजदूत इब्राहिम रसूल को डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन से विवाद के बाद निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है।

डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका और साउथ अफ्रीका के संबंध और बिगड़े हैं। ट्रम्प ने साउथ अफ्रीका के श्वेत अफ्रीकानेर समुदाय पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साथ ही उनके लिए एक विशेष शरणार्थी योजना भी शुरू की थी, जिसका साउथ अफ्रीका ने विरोध किया था।

78 साल के मेयर खुद अफ्रीकानेर समुदाय से आते हैं। उन्होंने 1979 में राजनीति में कदम रखा था और बाद में रक्षा व संवैधानिक मामलों के मंत्री भी रहे।



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