May 1, 2026

आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

0
ezgifcom-resize-1017738238121775705590_1777643444.gif




फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी चुराने (प्लेगरिज्म) के विवाद में डायरेक्टर आदित्य धर को गुरुवार को दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता संतोष ने भरोसा दिलाया कि वह अब डायरेक्टर के खिलाफ कोई भी मानहानि वाला बयान नहीं देंगे। कर्नाटक HC ने शिकायत में नहीं पाया दम
जस्टिस के एस हेमालेखा की सिंगल बेंच ने बेंगलुरु के स्क्रीनराइटर संतोष कुमार की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। संतोष ने मांग की थी कि फिल्म ‘धुरंधर’ का सीबीएफसी (CBFC) सर्टिफिकेट रद्द किया जाए क्योंकि यह उनकी ओरिजिनल स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ की नकल है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस शिकायत में कोई मेरिट नहीं है। हालांकि, संतोष द्वारा हर्जाने को लेकर किया गया मुख्य केस अभी कोर्ट में पेंडिंग है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दी गारंटी
आदित्य धर ने संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस आरिफ डॉक्टर के सामने संतोष के वकील ने कहा कि संतोष अब डायरेक्टर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। आदित्य के वकीलों ने उन्हें ‘चोर’ कहने पर माफी की मांग की थी, लेकिन संतोष की लीगल टीम ने इससे इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे। क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल की रिलीज के बाद हुई। संतोष कुमार का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ से भारी मात्रा में कॉपी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी स्क्रिप्ट स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) में रजिस्टर्ड है। जब संतोष ने सार्वजनिक तौर पर आदित्य धर पर आरोप लगाए, तो डायरेक्टर ने पहले उन्हें कानूनी नोटिस भेजा और फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की ।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *