May 14, 2026

जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं-मेरे और कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं:चुप नहीं रह सकती; शराब नीति घोटाला के आरोपियों पर अवमानना की कार्रवाई करूंगी

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दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि वह इस मामले से जुड़े आरोपियों और अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर शाम करीब 5.30 बजे आदेश सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा- मेरे और कोर्ट के खिलाफ कुछ आरोपियों और अन्य लोगों ने इंटरनेट पर अपमानजनक और मानहानिकारक पोस्ट डाली हैं। मैं इस पर चुप नहीं रह सकती। कुछ लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सुनवाई कर रही हैं। इस मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी होने वाले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जज को केस से हटाने की मांग की है। केजरीवाल का आरोप है कि जस्टिस शर्मा RSS के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। उनसे न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। 27 अप्रैल: केजरीवाल बोले- जस्टिस शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर कहा था- ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा। हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों बच्चों को केस देते हैं। उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच करीब 5904 केस मिले। अगर जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं तो क्या जज साहिबा उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा की कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया है। उन्होंने न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के जरिए अदालत में उपस्थित होने का फैसला किया। 20 अप्रैल: AAP नेताओं ने जज से हटने की मांग की थी दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था- मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। दरअसल, केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता पर पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जज RSS से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में कई बार गई हैं। उनके बच्चे केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था- अगर कोई जज पद की शपथ लेता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका परिवार भी इस पेशे में न आने की शपथ ले। जज के बच्चे या परिवार अपनी जिंदगी कैसे जिएंगे, यह कोई भी तय नहीं कर सकता। एमिकस क्यूरी नियुक्त करने की तैयारी AAP नेताओं की ओर से कोई वकील पेश नहीं हो रहा था, इसलिए हाईकोर्ट ने सीनीयर एडवोकेट को ‘एमिकस क्यूरी’ यानी कोर्ट की सहायता के लिए नियुक्त करने का फैसला किया था। जस्टिस शर्मा ने कहा कि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। इस बीच कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान उसे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अदालत व जज के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिली, जिसके बाद अवमानना कार्रवाई का फैसला लिया गया। CBI ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी दरअसल हाईकोर्ट में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई हो रही है जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया और पूरी तरह कमजोर साबित हुआ। इसी आधार पर कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 लोगों को राहत दी थी।



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