May 9, 2026

Telecom Firms Face ₹50 Lakh Fine for Complaint Delays

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नई दिल्ली5 घंटे पहले

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टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल कॉल पर ग्राहक को कॉलबैक की सुविधा देनी होगी। - Dainik Bhaskar

टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोशनल कॉल पर ग्राहक को कॉलबैक की सुविधा देनी होगी।

दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों पर शिकंजे की तैयारी कर ली है। स्पैम, अनवांटेड, फ्रॉड कॉल और मोबाइल सेवा की गुणवत्ता से जुड़ी ​शिकायतें अब इन्हें 24×7 सुननी होंगी। शिकायतें निपटाने में 15 दिन से ज्यादा विलंब होने पर कंपनियों पर अधिकतम 50 लाख रु. तक का जुर्माना लगेगा।

ये बातें टेलीकॉम उपभोक्ता शिकायत निवारण (चौथे सुधार) विनियम-2026 में ड्रॉफ्ट का हिस्सा हैं। ट्राई ने इसे जनचर्चा के लिए पेश किया है। इसके मुताबिक, ​रिकॉर्डेड ऑटोमेटेड रिप्लाई से बात नहीं बनेगी। ग्राहक की मांग के हिसाब से महिला/पुरुष टेलीकॉलर से कनेक्ट करना जरूरी होगा।

हर तरह के प्रमोशनल कॉल पर ग्राहक को कॉलबैक की सुविधा देनी होगी। ग्राहकों की दर्ज शिकायत पर हो रही कार्रवाई के अपडेट एसएमएस, ईमेल और एप पर लगातार करना होगा।

गलत निपटारे पर भी दंड लगेगा

1. गलत तरीके से शिकायत बंद करने पर कंपनी का क्या होगा? कंपनी को ₹1,000 रुपए प्रति शिकायत जुर्माना देना होगा।

2. अपील के गलत निपटारे पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा? हर लापरवाही पर ₹5,000 रु. प्रति अपील का दंड लगेगा।

3. एक तिमाही में अधिकतम कितना जुर्माना लग सकता है? कुल जुर्माने की ऊपरी सीमा ₹50 लाख रु. तय की गई है।

4. तिमाही रिपोर्ट जमा करने में देरी करने पर क्या नियम है? पहले 15 दिन की देरी पर ₹प्रति दिन 5,000 रु., उसके बाद ₹20,000/दिन लगेंगे।

5. रिपोर्टिंग में देरी पर क्या? प्रति केस अधिकतम ₹10 लाख वसूले जा सकते हैं।

6. जुर्माना समय ने न भरा तो? बकाया राशि पर कंपनी को अतिरिक्त ब्याज देना होगा।

7. इन बदलावों से क्या सुधरेगा? कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी और वे शिकायतों को जल्द सुलझाने के लिए बाध्य होंगी।

8. मौजूदा व्यवस्था में क्या है? कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं, न ही जुर्माना की सीमा तय है।

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